शुक्रवार तक यमुना का जलस्तर 103 मीटर तक आने की संभावना

यमुना किनारे सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न होने की भी संभावना

यमुना पट्टी के ग्रामीण क्षेत्रों में किया गया अलर्ट जारी

कालपी जालौन।

मानसूनी बारिश एवं चंबल नदी के जलस्तर में 132 मीटर की वृद्धि के बाद यमुना नदी भी उफनाने लगी है बुधवार से यमुना के जलस्तर में निरंतर वृद्धि हो रही है गुरुवार को अपराहन 2:00 बजे तक यमुना नदी का जलस्तर 100.25 मीटर तक पहुंच गया है। जबकि शुक्रवार तक यमुना का जलस्तर 103 मीटर तक पहुंचने की संभावना है। यमुना की बढ़रहे है जलस्तर से कालपी तहसील के यमुना पट्टी के दर्जनों गांव पर बाढ़ का खतरा मड राने लगा है तथा यमुना पट्टी की सैकड़ों एकड़ जमीन जलमग्न होने की संभावनाएं भी हो गई हैं।

यमुना नदी में बढ़ रहे जलस्तर को दृष्टिगत रखते हुए प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है यमुना के तटवर्ती गांव के लोगों को प्रशासन द्वारा सचेत किया जा चुका है तथा कालपी क्षेत्र की 7 बाढ़ चौकी यों को सक्रिय कर दिया गया है मानसून की हो रही बारिश से चंबल नदी के जलस्तर में 132 मीटर की वृद्धि दिनांक 28 जुलाई की रात्रि से शुरू हो गई है जिस वजह से यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है 28 जुलाई को यमुना का जलस्तर 96, 31 मीटर था जो 29 जुलाई को बढ़कर दोपहर 2:00 बजे तक 100, 25 मीटर तक पहुंच गया। केंद्रीय जल आयोग कालपी के कार्यालय प्रभारी अधिकारी रूपेश कुमार ने बताया कि 30 जुलाई तक यमुना के जलस्तर में वृद्धि होने की संभावना है यमुना का जलस्तर 103 मीटर तक पहुंचने की उम्मीद की जा रही है हालांकि पिछले वर्ष आई बाढ़ में यमुना का जलस्तर 105, 09 तक पहुंच गया था जिससे कालपी नगर के निचले इलाकों में पानी भर गया था। पिछले वर्ष आई बा ढ़ की तुलना में करीब 2 मीटर यमुना का जलस्तर कम रहने की संभावना है। इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में मदारपुर, किरतपुर, हीरापुर, देवकली, गुढा, मेनुपुर, मग्रोल, रयड, सिमरा शेखपुर, नरहन, पाल सरेनी आदि दर्जनों गांव में यमुना का पानी पहुंचने की संभावना है जिससे इस क्षेत्र की सैकड़ों एकड़ फसल भी नष्ट होने की संभावना है। कालपी क्षेत्र में यमुना पट्टी में निषाद समाज के लोग सब्जी आदि की फसल करते हैं जो यमुना के जलस्तर बढ़ जाने से पूरी तरह से नष्ट हो गई है।

 

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