राजस्थान कांग्रेस में जारी कलह अब तक खत्म नहीं हुई है. अशोक गहलोत और सचिन पायलट खेमे में जारी कलह को खत्म करने के लिए पार्टी ने मंत्रिमंडल में फेरबदल करने का फैसला किया है, जिससे दोनों दलों के लोग संतुष्ट हो सकें. राज्य में मंत्रिमंडल में फेरबदल से पहले दो दिनों की रायशुमारी के बाद प्रदेश के प्रभारी अजय माकन ने प्रदेश कांग्रेस के दफ्तर में जयपुर में ऐलान कर दिया था कि बहुत सारे मंत्री संगठन में काम करने जाएंगे.

अजय माकन ने कहा कि इन मंत्रियों ने मेरा उदाहरण दिया कि जब मनमोहन सिंह सरकार से आपने इस्तीफा दिया था, तो आप संगठन की राजनीति में आ गए थे दिल्ली में आलाकमान को अपनी रिपोर्ट दिए जाने को लेकर अजय माकन ने आजतक से बातचीत की. उन्होंने कहा कि मैं ही दिल्ली में ही हूं. मैंने रिपोर्ट ले ली है.

118 विधायकों से लिया गया है फीडबैक

गौरतलब है कि अजय माकन ने सरकार को समर्थन देने वाले 118 विधायकों से फीडबैक लिया है. फीडबैक लेने के दौरान वह अकेले बैठे हुए थे. विधायकों के जवाब को लैपटॉप में टाइप करने के लिए वह एक स्टेनोग्राफर भी दिल्ली से लेकर आए थे.

गहलोत तय करेंगे कौन बनेगा मंत्री

अजय माकन के बयान के बाद यह चर्चा होने लगी है कि कौन-कौन से मंत्री ड्रॉप हो सकते हैं. स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने कहा था कि अजय माकन की रायशुमारी से मंत्री तय नहीं होंगे. कांग्रेस आलाकमान और अशोक गहलोत ही नए मंत्रिमंडल को तय करेंगे.

 

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