पंजाब ऐंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक (PMC), येस बैंक, लक्ष्मी विलास बैंक जैसे बैंकों के परेशान ग्राहकों को सरकार ने बड़ी राहत दी है. केंद्रीय मंत्रिमंडल (कैबिनेट) ने बुधवार को हुई बैठक में DICGC एक्ट में बदलाव को मंजूरी दे दी है. इससे किसी बैंक के डूबने पर बीमा के तहत खाताधारकों को पैसा 90 दिन के भीतर मिल जाएगा.

मोदी सरकार ने दी मंजूरी! 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कैबिनेट बैठक में हुए फैसले की जानकारी दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट की बैठक में डिपॉजिट इंश्योरेंस ऐंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) एक्ट में संशोधन को मंजूरी दी गई है. इस बिल को संसद के मॉनसून सत्र में रखा जाएगा.

पांच लाख का बीमा 

DICGC ही यह सुनिश्चित करता है कि किसी बैंक के बर्बाद होने पर उसके जमाकर्ताओं को कम से कम पांच लाख रुपये की राश‍ि वापस की जाए. पहले यह बीमा राश‍ि सिर्फ 1 लाख रुपये ही थी, लेकिन मोदी सरकार ने पिछले साल ही इसे बढ़ाकर 5 लाख कर दिया है.  जब किसी बैंक का लाइसेंस कैंसिल हो जाता है और उसके लिक्विडेशन यानी एसेट आदि बेचने की प्रक्रिया शुरू होती है. लेकिन अब सरकार ने इस सबके लिए तीन महीने सीमा तय कर दी है.

 

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