कोरोना काल में 19 जुलाई से संसद के मानसून सत्र का आगाज हो रहा है. 13 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र को पहले से ही काफी हंगामेदार माना जा रहा है. तो वहीं दूसरी तरफ केंद्र भी हर मुद्दे पर अपने स्टैंड को मजबूत करने की कोशिश में लगा है.मंत्रिपरिषद की बैठक में स्वास्थ्य मंत्रालय, पेट्रोलियम मंत्रालय और संसदीय कार्य मंत्रालय की तरफ से प्रेजेंटेशन दिया गया है.

संसद सत्र से पहले मंत्रालयों की प्रेजेंटेशन

संसदीय कार्य मंत्रालय की प्रेजेंटेशन मे संसद के आगामी संत्र में पेश होने वाले विधेयकों की जानकारी दी गई. पेट्रोलियम मंत्रालय की प्रेजेंटेशन में पेट्रोल डीजल-एलपीजी की बढती कीमतों के कारणों पर जोर डाला गया. साथ ही केंद्र और राज्य सरकार के रिवेनव्यू शेयरिंग की जानकारी भी दी गई.

पहले से तैयारी करने पर जोर

पीएम मोदी ने इस बात पर भी जोर दिया कि सभी मंत्री संसद और अपने मंत्रालयों के नियमों को अच्छी तरह से जान और समझ लें. प्रधानमंत्री को इस बात का अहसास है कि आने वाला सत्र काफी विस्फोटक हो सकता है, ऐसे में सरकार को पहले से तैयारी रखना जरूरी है.

पीएम मोदी का नए मंत्रियों को मंत्र

अब इतना सबकुछ इसलिए किया गया क्योंकि मंत्रिमंडल विस्तार के बाद कई बड़े मंत्रालयों की जिम्मेदारी नई मंत्रियों के हाथ में है. ऐसे में एक तरफ पीएम नरेंद्र मोदी की तरफ से प्रेजेंटेशन लिया गया तो वहीं दूसरी तरफ उनकी तरफ से तमाम मंत्रियों को जरूरी मंत्र भी दिया गया.

 

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