बंदियों को स्नातक और परास्नातक स्तर की परीक्षा में शामिल होने का मौका
आधिकारिक जानकारी के अनुसार इससे बरेली केंद्रीय जेल के साथ मेरठ, फतेहपुर, अयोध्‍या, आगरा, गोरखपुर, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, आजमगढ़, झांसी, फतेहगढ़ वाराणसी और बरेली जिला व नैनी की केन्द्रीय जेलों के बंदियों को स्नातक और परास्नातक स्तर की परीक्षा में शामिल होने का मौका मिलेगा.

हाईस्कूल और इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई करने का मौका मिलता था
उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज के क्षेत्रीय समन्वयक डॉ. आर बी सिंह ने बताया कि अब तक सजा काट रहे कैदियों को जेल में ही रहकर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई करने का मौका मिलता था.

दरी, जूता, कालीन, कपड़ा और फर्नीचर आदि बनाने का कार्य करते हैं

ऐसे सजायाफ्ता कैदियों को उप्र राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज की ओर से योग्य डिजाइनरों, विशेषज्ञों, इंजीनियरों से प्रशिक्षण तथा डिप्लोमा दिया जायेगा.

पढ़ाई के साथ साथ नैतिकता का भी पाठ 
जेल में बंदियों को पढ़ाई के साथ साथ नैतिकता का भी पाठ पढ़ाया जाएगा. अपराध की दुनिया से बाहर निकालने के लिए देश के कई बड़े प्रोफेसरों और विशेषज्ञों के माध्यम से समय समय पर बंदियों की काउंसलिंग कराई जाएगी.  बरेली की दोनों जेल में अध्ययन केंद्र खोला गया है और नई शिक्षा नीति के अनुसार जेल में उच्च शिक्षा के लिए सुविधा दी जा रही है.

 

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