पिछले डेढ़ साल में यानी कोरोना महामारी के इस दौर में वायरस के सामने डॉक्टर्स और पूरा मेडिकल स्टाफ महामारी की आंख में आंख डालकर खड़ा रहा. कोरोना को जिन 2 करोड़ 90 लाख से ज्यादा लोगों ने हराया, उनकी मदद करने में डॉक्टर्स सबसे आगे रहे. इस वजह से डॉक्टर्स डे 2021 खास है.

इसी क्रम में कानपुर के कुछ डॉक्टरों की टीम ने सराहनीय पहल की शुरुआत की । यहां स्निग्धा सिंह और रमन प्रताप सिंह ने डॉक्टरों की एक वर्चुअल क्लीनिक तैयार की जिसके जरिये देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों को इलाज मुहैया कराया. जैसा कि हम जानते है कोरोना एक संक्रामक बीमारी है जो अमूमन परिवार के एक सदस्य से अन्य सदस्यों को बड़ी आसानी से संक्रमित कर देता हैं ऐसे में इन डॉक्टरों के समूह ने परिवार का इलाज किया उनकी जरूरतों के हिसाब से उन्हें दवाएं उपलब्ध कराई. जिस वक्त कई प्राइवेट अस्पतालों के साथ-साथ सरकारी अस्पताल में अन्य बीमारियों के स्पेशिलिस्ट डॉक्टर ने मरीज़ो को देखना बंद कर दिया था उस वक्त इन्होंने लोगों को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान की.

कोरोना की पहली लहर थी या दूसरी हमने देखा किस तरह से मरीज इलाज के लिए हॉस्पिटल में बेड पाने के लिए सड़कों पर दम तोड़ रहें थे. ऑक्सीजन की किल्लत के चलते लोग अपनी जान गवां रहें थे कई संक्रमित तो ऐसे थे जो डर से ही मौत को गले लगा बैठे वो सिर्फ इसलिए उन्हें सही सलाह देने वाले डॉक्टर्स की कमी के कारण. मगर कानपुर में इन डॉक्टर्स के ग्रुप ने कई कोरोना संक्रमितों का हौसला बढ़ाया उन्हें इस मुश्किल वक्त से लड़ना सिखाया. इन्होंने www.physiocomfy.com नाम से अपनी वेबसाइट बनायी जिसमें कई डॉक्टर्स शामिल हुए. जिसमें फिजियोथेरिपिस्ट जनरल फिजिशियन समेत 10 डॉक्टरों ने इस पहल की शुरुआत की. हालांकि कोरोना की पहली लहर में इस क्लीनिक की पहुंच ज्यादा लोगों तक नहीं थी मगर दूसरी लहर में इन्होंने बहुत से लोगों को अपनी सेवा दी जिससे लोग भी इस वर्चुअल क्लीनिक को जान पाएं.

मुफ्त मुहैया कराया इलाज

जिस समय हम सुन रहें थे कि दूसरी लहर में दवाओं व ऑक्सीजन की कालाबाज़ारी बढ़ गयी है लोग इलाज के नाम पर मरीज़ो को लूट रहें हैं उस वक्त ये वर्चुअल क्लीनिक लोगों के लिए न सिर्फ मील का पत्थर साबित हुआ बल्कि सैकड़ो परिवारों को मुफ्त में इलाज प्रदान किया.

इस पहल से कई सीनियर डॉक्टर्स जुड़े

इंटरनेट के माध्यम से वर्चुअल मरीजो से जुड़ने वाले डॉक्टरों की टीम में कई सीनियर डॉक्टर्स शामिल है। जिसमें डॉ स्निग्धा सिंह जिन्होंने इस क्लीनिक की शुरुआत की इसके अलावा को-फाउंडर रमन प्रताप सिंह, अर्पिता सिंह, व वरिष्ठ डॉ ऋचा अग्रवाल, डॉ आजाद कुमार भारती समेत कई अन्य डॉक्टर भी जुड़े है जो मरीजों को उनकी मर्ज के अनुसार इलाज व दवाएं सजेस्ट करते हैं. जिसके बाद डॉ मरीज को वर्चुअल इन मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन देते है.

विदेश से भी डॉक्टर टीम में शामिल

अमेरिका में 20 साल से जनरल फिजिशियन डॉ विजय राज सिंह भी इस वर्चुअल क्लीनिक से जुड़ें हैं. रमन प्रताप ने बताया को विदेश से डॉक्टर को जोड़ने के पीछे का कारण है कि अब क्लीनिक में विदेशों से भी इलाज के लिए आ रहें ऐसे में उन मरीज़ो की सहायता करने में आसानी होगी.

    सुरेंद्र कुमार राजपूत

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