दुनिया का पहला डीएनए तकनीक आधारित फार्मा कंपनी जाइडस कैडिला का टीका बच्चों पर भी कारगर है। तीन चरणों में 12 साल तक के बच्चों पर यह टीका लगभग 100 फीसदी सुरक्षित और असरदार रहा है। जाइडस का दावा है कि टीके की दो खुराक लेने के बाद एक भी गंभीर बीमारी या मौत का मामला दर्ज नहीं किया गया। जबकि तीसरी खुराक देने के बाद 100 फीसदी तक एंटीबॉडी पाई गई हैं।

तीसरे ट्रायल में 28 हजार लोगों को लगा टीका 
जाइडस कैडिला ने तीसरे परीक्षण में 28 हजार लोगों को वैक्सीन दिया था। यह अलग-अलग राज्यों में परीक्षण हुआ। इस टीके को दो से आठ डिग्री तापमान पर रखा जा सकता है। साथ ही अगर अनुमति मिलती है तो कंपनी सालाना 10 से 12 करोड़ खुराक बनाने में सक्षम है।

परीक्षण परिणामों से संतुष्ट विशेषज्ञ
डीसीजीआई के आधीन विशेष जांच समिति (एसईसी) के विशेषज्ञाें ने कहा, डीएनए आधारित इस टीके के परिणाम संतोषजनक हैं। हम परिणामों की समीक्षा कर रहे हैं। इनसे पहले नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल और राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह के अध्यक्ष डॉ. एनके अरोड़ा इस वैक्सीन के परीक्षण परिणामों को बेहतर बता चुके हैं।

 

@TODAYINDIALIVENEWS