ताजा मामला हापुड़ के सिटी कोतवाली क्षेत्र का है जहां पर 15 हजार रुपये न होने पर कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति के शव का करीब ढाई माह बाद गुरुवार को अंतिम संस्कार किया गया. मृतक युवक अप्रैल माह में कोरोना पॉजिटिव हुआ था जिसके इलाज के दौरान मेरठ रेफर कर दिया गया था. मेरठ में इलाज के दौरान व्यक्ति की मौत हो गई थी. उस दौरान व्यक्ति की पत्नी से अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा कहा गया कि अंतिम संस्कार के लिए शव देने के लिए 15 हजार रुपये लगेंगे, तब शव दिया जाएगा वरना हम लोग ही अंतिम संस्कार कर देंगे.

जब ढाई माह बाद भी कोई शव लेने नहीं आया तो मेरठ अस्पताल ने शव को हापुड़ स्वास्थ्य विभाग को सुपुर्द कर दिया और हापुड़ स्वास्थ्य विभाग ने तीन दिन पहले शव को जीएस मेडिकल कॉलेज में रखवा दिया. उसके बाद प्रशासन के सहयोग से परिजनों को ढूंढने लगे. गुरुवार को जब परिजनों का पता चला तो परिजनों को शव दे दिया गया. हालांकि अस्पताल कोरोना से मृतक का शव ज्यादा दिनों तक नहीं रखा जाता लेकिन इस मामले ने एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं

 

 

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