जम्मू-कश्मीर में आर्मी बेस पर ड्रोन हमले की साजिश का मसला संयुक्त राष्ट्र सभा में भी उठा है. भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा कि सामरिक और वाणिज्यिक संपत्तियों के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों के लिए हथियारबंद ड्रोन के इस्तेमाल की संभावना पर वैश्विक समुदाय को गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है,

आतंकवाद के वित्तपोषण के लिए नई भुगतान विधियों और क्राउडफंडिंग प्लेटफार्मों का इस्तेमाल हो रहा है और आतंकी अब ड्रोन तकनीकी का भी इस्तेमाल कर रहे हैं. ड्रोन के जरिए आतंकी हथियार या विस्फोटक एक जगह से दूसरे जगह तक आसानी से भेज रहे हैं, यह दुनिया भर में सुरक्षा एजेंसियों के लिए  खतरा और चुनौती बन गया है.

PM मोदी से मिलेंगे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
इस बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे. मुलाकात का एजेंडा अभी अभी क्लियर नहीं है, लेकिन बताया जा रहा है कि एयरबेस ड्रोन पर हमले और सीमाई इलाकों में देखे जा रहे ड्रोन को लेकर यह मीटिंग हो सकती है.

क्या है पूरा मामला
जम्मू में लगातार ड्रोन दिखने से हड़कंप मच गया है. इसकी शुरुआत 26-27 जून की दरम्यानी रात जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर ड्रोन से विस्फोटक में आरडीएक्स भी शामिल हो सकता है. अभी जम्मू ड्रोन अटैक की जांच ही चल रही है, 24 घंटे के अंदर फिर दो ड्रोन दिख गए.

 

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