जम्मू में आतंकियों ने ड्रोन के जरिए एयरफोर्स स्टेशन में दो धमाकों को अंजाम दिया जिसमें वायुसेना की एक इमारत क्षतिग्रस्त हो गई. विशेषज्ञों ने बताया कि भारत में पहली बार आतंकियों द्वारा किसी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया है. भारत में जरूर पहली बार आतंकियों ने ड्रोन के जरिए हमला किया लेकिन हमले का यह मॉडल कोई नया नहीं है और पहले भी आतंकी संठगन या देश ड्रोन हमले को अंजाम दे चुके हैं.

एक इराकी काउंटर टेररिज्म सर्विस (सीटीएस) के जवानों ने 8 जनवरी, 2017 को मोसुल के अल-रिफाक पड़ोस में इस्लामिक स्टेट समूह के आतंकियों (आईएस) द्वारा भेजे गए  ड्रोन पर गोली चलाकर उसे हवा में उड़ा दिया. वहां उस दौरान आतंकवादियों के खिलाफ सैन्य अभियान चल रहा था.

जम्मू-कश्मीर के कठुआ में बीते साल 20 जून को हीरानगर सेक्टर के रथुआ इलाके में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अत्याधुनिक राइफल और कुछ ग्रेनेड से लदे पाकिस्तानी ड्रोन को बीएसएफ ने मार गिराया था. कोरियाई पीपुल्स आर्मी की वायु सेना ने लक्ष्य पर हमला करने वाले ड्रोन विमानों की एक ड्रिल और कम ऊंचाई पर हमले को अंजाम देने वाले ड्रोन, क्रूज मिसाइलों को नष्ट करने वाले स्व-चालित फ्लैक रॉकेट की एक फायरिंग ड्रिल की थी

 

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