आतंकियों ने एक बार फिर से ड्रोन के जरिए सैन्य ठिकाने को निशाना बनाने की कोशिश की है. जम्मू में एयरफोर्स स्टेशन पर ड्रोन हमले के अगले ही दिन आतंकियों  ने मिलिट्री स्टेशन पर भी हमला करने की कोशिश की. रविवार रात तड़के करीब तीन बजे के आसपास कालूचक मिलिट्री स्टेशन के ऊपर ये ड्रोन देखे गए.

कल एयरबेस पर हुए थे दो धमाके
जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर रविवार देर रात दो धमाके हुए थे. पहला धमाका रात 1:37 बजे हुआ और दूसरा ठीक 5 मिनट बाद 1:42 बजे हुआ था. वायुसेना के मुताबिक, दोनों ही धमाकों की इंटेसिटी बहुत कम थी और पहला धमाका छत पर हुआ, इसलिए छत को नुकसान पहुंचा था.

ड्रोन अटैक में रिस्क कम
ड्रोन के जरिये हमले की ट्रेनिंग पर बहुत ज्यादा खर्च नहीं करना पड़ता. जमीनी हमलों के मुकाबले ड्रोन हमले को अंजाम देने में रिस्क भी कम है. ड्रोन बेहद कम ऊंचाई पर उड़ सकते हैं और कम ऊंचाई पर उड़ने की वजह से रडार की पकड़ में आने के चांस भी कम रहते हैं.ऐसे में इस आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता कि आगे भी आतंकी संगठन इनका इस्तेमाल करेंगे.

 

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