जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर देर रात दो धमाके हुए. पहला धमाका रात 1:37 बजे हुआ और दूसरा ठीक 5 मिनट बाद 1:42 बजे हुआ. वायुसेना का कहना है कि दोनों ही धमाको की इंटेसिटी बहुत कम थी और पहला धमाका छत पर हुआ,इस धमाके को ड्रोन अटैक माना जा रहा है. शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि ड्रोन अटैक के जरिए यहां खड़े एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर को टारगेट करने की कोशिश थी.

अगर ये धमाका ड्रोन हमला साबित हो जाता है तो ये देश के सैन्य ठिकाने पर हुआ देश का पहला ड्रोन अटैक होगा. ये ड्रोन 20 किलो तक का पेलोड उठाने और 25 किलोमीटर तक उड़ान भरने में सक्षम थे. इनकी खास बात ये भी थी कि इनसे एक टारगेट तय कर उस पर IED गिराया जा सकता था.

ड्रोन का बखूबी गलत इस्तेमाल कर रहा है पाकिस्तान!
पिछले कुछ सालों में पाकिस्तान और वहां की जमीन से चलने वाले आतंकी संगठन ड्रोन के जरिए भारत में हथियार असलहा-बारूद गिराने का काम कर रहे हैं. अब तक कई बार भारतीय सुरक्षाबल और एजेंसियां पाकिस्तान के इस मंसूबों को नाकाम कर चुकी है. 13 अगस्त 2019 को पंजाब पुलिस ने अमृतसर के अटारी के नजदीक भारत-पाकिस्तान बॉर्डर से महज डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर एक हेक्साकॉप्टर ड्रोन बरामद किया था.

 

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