इसी क्रम में कांग्रेस की उम्मीदवार उर्मिला सोनकर खाबरी सपा व अन्य विपक्षी दलों से समर्थन प्राप्त होने के बाद नामांकन दाखिल करने के लिए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची। जहां उन्होंने अपने प्रस्तावकों के साथ मिलकर रिटर्निंग ऑफिसर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन को 2 सेट में नामांकन पत्र सौंपा। जहां नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद बाहर आने पर उन्होंने कहा कि उनकी मुख्य प्राथमिकता जनपद का विकास कराना है, क्योंकि जनपद पिछड़ा क्षेत्र में आता है और यहां वर्षों से किसी भी जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा सही से काम नहीं कराया गया है।
शनिवार को कांग्रेस प्रत्याशी उर्मिला सोनकार अपनी पार्टी कांग्रेस व समर्थित पार्टी समाजवादी पार्टी व जनता दल बीपी के सहयोग से नामांकन दाखिल करने कार्यकर्ताओं के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची, जहां रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष उन्होंने अपने दो नामांकन पत्र दाखिल किये। जहां रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा उनके पत्रों की जांच की गई, नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद कांग्रेस प्रत्याशी ने बाहर आकर पत्रकारों से बात की। जहां उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल द्वारा उन पर दबाव बनाया जा रहा था कि वह नामांकन पत्र दाखिल न कर सके, इसीलिए उनके पति पर झूठा मुकदमा दर्ज कराने का प्रयास किया गया और 107 सीआरपीसी के तहत सीओ कार्यालय से नोटिस भी जारी किया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें समाजवादी पार्टी, जनता दल बीपी ने समर्थन दिया है और वह संयुक्त विपक्षी दल की संयुक्त उम्मीदवार हैं, वह जीतकर क्षेत्र का विकास करायेगी, उन्होंने कहा कि वह वर्षों तक प्रशासनिक सेवा में कार्यरत रही हैं और यहां भी एसडीएम के पद पर तैनात रही हैं। उन्होंने इस जनपद की स्थिति को देखा है, इस क्षेत्र में किसी भी जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा विकास का कार्य नहीं कराया गया है, उनकी प्रथम प्राथमिकता क्षेत्र का विकास कराना है।

अमित गुप्ता

 

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