राजस्थान कांग्रेस में कलह के बीच अब बीजेपी की लड़ाई भी खुलकर सामने आ गई है. पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ख़ामोशी ओढ़े हुई हैं मगर उनके समर्थक खुलकर मैदान में उतर आए हैं. मंत्री भवानी सिंह राजावत ने प्रेस कॉन्फ़्रेन्स कर कहा कि जिस तरह से देश में बीजेपी के लिए प्रधानमंत्री मोदी हैं पूरी पार्टी वसुंधरा राजे के दम पर सत्ता में आयी थी अगर वसुंधरा नहीं होंगी तो बीजेपी सत्ता में नहीं आएगी.

मौजूदा प्रदेश नेतृत्व के बारे में कहा कि इसमें किसी भी नेता के पास कोई दम नहीं है. BJP को अगर सत्ता में आना है तो वसुंधरा को ही लाना होगा वरना पार्टी ख़त्म हो जाएगी. वसुंधरा समर्थक एक दर्जन पूर्व सांसद और पूर्व विधायक मैदान में कूद पड़े हैं. प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया अचानक अपने ही नेताओं के हमले से परेशान हैं.

उन्होंने कहा कि अनुशासनहीनता के बारे में केंद्रीय नेतृत्व को बताया जाएगा कि BJP में मुख्यमंत्री पद पार्लियामेंट्री बोर्ड तय करता है, घर में बैठे नेता तय नहीं करते हैं. यह संगठन आधारित पार्टी है और यहां हर कार्यकर्ता बराबर की भूमिका में हैं. BJP के इतिहास में राजस्थान में ऐसा पहली बार हो रहा है तो वहीं पार्टी का नेता संगठन, समानांतर संगठन बनाकर काम कर रहा है. मगर वसुंधरा की ताक़त को देखते हुए केंद्रीय नेतृत्व चुप्पी साधे हुए हैं

 

@TODAYINDIALIVENEWS