कोरोना की दूसरी लहर ने भारत में बहुत तबाही मचाई. हजारों लोगों की जान चली गई, लाखों लोग इलाज के लिए तड़पते दिखाई दिए. लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें, तो भारत को कोरोना की ताजा लहर और नए वैरिएंट के बारे में काफी वक्त पहले ही चेताया गया था एक्सपर्ट्स ने भारतीय अधिकारियों को मार्च में ही चेतावनी दी थी कि कोरोना वायरस का नया वैरिएंट तेज़ी से फैल रहा है, जो ग्रामीण इलाकों में अपना असर रहा है. ये कोरोना का B.1.617 वैरिएंट था,

80 दिन में 40 देशों में पहुंचा

कोरोना का यही B.1.617 वैरिएंट देखते ही देखते भारत के अन्य इलाकों में फैलने लगा. करीब 80 दिन के भीतर ये वैरिएंट दुनिया के 40 देशों तक पहुंच गया. जिसके बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे बेहद चिंताजनक करार दिया. जनवरी के आसपास भारत में कोरोना के केस में काफी हदतक कमी आ गई थी,

अमरावती में दिखा था असर

पिछले करीब 30 साल से हेल्थ के क्षेत्र में काम कर रहे डॉ. सुभाष सालूके, जो कि महाराष्ट्र सरकार को कोरोना के मामलों में सलाह दे रहे थे. उन्होंने मार्च की शुरुआत में ही केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों जिसमें डॉ. वीके पॉल, सुजीत कुमार सिंह भी शामिल थे,

अमरावती के अधिकारियों के मुताबिक, जनवरी के वक्त हर कोई रिलेक्स हो गया था, लेकिन फरवरी में अचानक से ही केस बढ़ने लगे. पहले 200 केस प्रतिदिन से अचानक से 400 से अधिक केस एक दिन में आने लगे. एक्सपर्ट्स ने दावा किया कि अमरावती के वैरिएंट को हल्के में लेना बड़ी चूक थी

 

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