23 में से सिर्फ एक की मौत वैक्सीन की वजह से हुई
वैक्सीन लगने के बाद कोई गंभीर बीमारी होने या मौत होने को वैज्ञानिक भाषा में एडवर्स इवेंट फॉलोइंग इम्यूनाइजेशन (एईएफआई) कहा जाता है। एईएफआई के लिए केंद्र सरकार ने एक कमेटी गठित की है। इस कमेटी ने वैक्सीन लगने के बाद हुई 23 मौतों की समीक्षा करने के बाद पुष्टि की कि एक बुजुर्ग जिसकी उम्र 68 साल थी, उसकी मौत वैक्सीन लगने के बाद एनाफिलैक्सीस से हुई।

तीन और मौतों की जांच हो रही
एईएफआई कमेटी के चेयरमैन डॉ. एनके अरोड़ा ने देश में कोरोना वैक्सीन के दुष्प्रभाव से पहली मौत होने की पुष्टि की। हालांकि, उन्होंने इस मामले में आगे कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। तीन और मौतों की वजह वैक्सीन को माना गया है, लेकिन अभी पुष्टि होना बाकी है।

23 में से सिर्फ एक की मौत वैक्सीन की वजह से हुई 
वैक्सीन लगने के बाद कोई गंभीर बीमारी होने या मौत होने को वैज्ञानिक भाषा में एडवर्स इवेंट फॉलोइंग इम्यूनाइजेशन (एईएफआई) कहा जाता है। एईएफआई के लिए केंद्र सरकार ने एक कमेटी गठित की है। इस कमेटी ने वैक्सीन लगने के बाद हुई 23 मौतों की समीक्षा करने के बाद पुष्टि की कि एक बुजुर्ग जिसकी उम्र 68 साल थी, उसकी मौत वैक्सीन लगने के बाद एनाफिलैक्सीस से हुई।

तीन और मौतों की जांच हो रही
एईएफआई कमेटी के चेयरमैन डॉ. एनके अरोड़ा ने देश में कोरोना वैक्सीन के दुष्प्रभाव से पहली मौत होने की पुष्टि की। हालांकि, उन्होंने इस मामले में आगे कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। तीन और मौतों की वजह वैक्सीन को माना गया है, लेकिन अभी पुष्टि होना बाकी है। सरकारी पैनल की रिपोर्ट के मुताबिक, वैक्सीन से जुड़े हुए अभी जो भी रिएक्शन सामने आ रहे हैं। उनकी उम्मीद पहले से ही थी, जिन्हें मौजूदा साइंटिफिक एविडेंस के आधार पर वैक्सीनेशन के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।

 

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