युवराज 2007 के टी20 वर्ल्ड कप और 2011 विश्व कप विजेता भारतीय टीम के सदस्य रहे. बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने दोनों टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन कर खिताबी जीत में अहम योगदान दिया था. युवराज ने 10 जून 2019 को इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया था.

‘मुझे कप्तान बनने की थी उम्मीद, पर…

युवराज ने कहा कि भारत 2007 के वनडे विश्व कप से बाहर हो गया था. उस वक्त भारतीय क्रिकेट में काफी उथल-पुथल मची हुई थी. उसी दौरान हमें इंग्लैंड का दौरान हमें इंग्लैंड का दौरा करना था. साउथ अफ्रीका और आयरलैंड के साथ एक महीने का दौरा भी था. इसके अलावे हमें टी20 वर्ल्ड कप भी खेलना था

जहीर को T20 वर्ल्ड कप नहीं खेलने का था मलाल 

युवराज ने जहीर खान से जुड़ा एक मजेदार किस्सा बताया. गांगुली, द्रविड़ और सचिन ने 2007 के टी20 वर्ल्ड कप से रेस्ट लेने का फैसला लिया था. इसके बाद जहीर खान ने भी भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) से आराम देने की मांग की थी. जहीर ने कहा था कि वे काफी क्रिकेट खेल चुके हैं.  युवी ने कहा कि मुझे याद है टी20 वर्ल्ड कप का पहला मैच वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका के बीच हुआ था. क्रिस गेल ने 50-55 गेंदों (50) में शतक जड़ दिया था.

धोनी से नहीं था कोई मतभेद… 

धोनी और युवराज को लेकर हमेशा ये बात कही जाती थी कि इन दोनों खिलाड़ियों में मतभेद रहे हैं. लेकिन इस मुद्दे पर युवराज सिंह का कहना है कि उनका धोनी के साथ कभी किसी तरह का मनमुटाव नहीं था. टीम का जो भी कप्तान बने उसे सपोर्ट करना पड़ता है वो चाहे द्रविड़ हों, गांगुली या फिर कोई और.युवराज ने खुलासा किया कि इंग्लैंड के खिलाफ छह छक्के जड़ने के बाद धोनी काफी खुश थे. युवी ने कहा, ‘मुझे लगता है कि एमएस बहुत खुश थे. यदि आप कप्तान हैं और दूसरा खिलाड़ी छक्के जड़े जा रहा है, तो आप खुश होंगे कि स्कोर बढ़ रहा है. वह गेम जीतना हमारे लिए काफी जरूरी था.’

 

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