राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार लंबे वक्त के बाद लोगों के सामने आए हैं, आते ही उन्होंने राज्य को लेकर चल रही अटकलों पर बयान दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बीच हुई मुलाकात ने महाराष्ट्र की राजनीति में गर्मी बढ़ा दी है, लेकिन शरद पवार ने उन सभी अटकलों को खारिज कर दिया है जिसमें महाराष्ट्र विकास अघाड़ी की सरकार पर खतरा होने के दावे किए गए.

उद्धव और मोदी की वन टू वन मीटिंग की चर्चा…

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने 7 जून को अजित पवार, अशोक चव्हाण के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी. लेकिन इससे ज्यादा चर्चा उद्धव और पीएम मोदी के बीच हुई 40 मिनट की मीटिंग को लेकर रही. वैसे तो मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री का मिलना आम बात होती है. आधिकारिक तौर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उद्धव ठाकरे ने ये भी खुलासा किया था कि मराठा आरक्षण समेत कुल 12 मुद्दों पर पीएम मोदी के साथ बात हुई है राज्य में बीजेपी पर तीखे वार करने वाले उद्धव आमतौर पर प्रधानमंत्री पर नरम नजर आते हैं.

शरद पवार के बयान के कई मायने…

लेकिन शरद पवार ने जो बयान दिया है, उसके मायने जानने भी जरूरी हैं. उन्होंने जता दिया है कि उद्धव और पीएम मोदी की मीटिंग पर उनका ध्यान है, साथ ही बाला साहेब का उदाहरण देकर मुश्किल वक्त का वादा ना भूलने की नसीहत भी दे दी है इतना ही नहीं, शरद पवार ने शिवसेना संग एक लंबे रिश्ते का हाथ भी बढ़ा दिया है. खास बात ये है कि उन्होंने इसमें कांग्रेस का जिक्र नहीं किया, ऐसे में फोकस दो क्षेत्रीय पार्टियों को साथ लाकर राष्ट्रीय पार्टियों को दरकिनार करने पर भी है.

 

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