इस्लामाबाद/नई दिल्ली: पाकिस्तान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विमान को उसके एयर स्पेस से उड़ान भरने की इजाजत देने से इनकार कर दिया है. पाकिस्तान ने इसी के साथ सालों से चली आ रही परंपरा तोड़ दी है. आईसीएओ (अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन) के चैप्टर के मुताबिक, युद्ध के समय को छोड़कर किसी अन्य समय कोई देश अपने एयर स्पेस का इस्तेमाल करने से किसी देश को मना नहीं कर सकता.

 

नियमित तौर पर दी जाती है हवाई क्षेत्र इस्तेमाल करने की इजाजत

 

दरअसल पिछले दो सप्ताह में पाकिस्तान दो बार वीवीआईपी के विमान की विशेष उड़ान को अपने एयर स्पेस से उड़ान भरने से इनकार कर चुका है. इससे पहले इसी महीने पाकिस्तान ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के यूरोप के आधिकारिक दौरे के दौरान विमान एयर इंडिया को अपने एयर स्पेस से उड़ान भरने की इजाजत नहीं दी थी.

 

बता दें कि एयरस्पेस इस्तेमाल करने की इजाजत किसी देश की तरफ से नियमित तौर पर दी जाती है. हालांकि सभी वीवीआईपी दौरे के लिए दूसरे देशों को उसके एयर स्पेस का इस्तेमाल किए जाने को लेकर सूचित करने की आवश्यकता होती है.

 

पाकिस्तान के इनकार के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, ‘’पाकिस्तान को स्थापित अंतर्राष्ट्रीय परंपराओं से विचलित होने के अपने फैसले पर ध्यान देना चाहिए. साथ ही उसे एकतरफा कार्रवाई करने को लेकर झूठा कारण बताने की अपनी पुरानी आदत पर दोबारा विचार करना चाहिए.”

 

पाकिस्तान ने क्यों किया इनकार?

 

जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा प्रदान करने वाले आर्टिकल 370 को निरस्त किए जाने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ जाने के बीच पाकिस्तान ने यह फैसला लिया है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि भारत की ओर से आग्रह किया गया था कि 20 सितम्बर को पीएम मोदी के विमान को पाकिस्तान के एयर स्पेस से होकर जर्मनी की तरफ उड़ान भरने की इजाजत दी जाए.

 

महमूद कुरैशी ने कहा, “कश्मीर और भारत के रुख को ध्यान में रखते हुए और मानवाधिकार का उल्लंघन के मामले को देखते हुए हमने उड़ान भरने की इजाजत नहीं देने का फैसला लिया है. इस फैसले की सूचना भारतीय उच्चायोग को दे दी गई है.”

 

21 से 27 सितंबर तक अमेरिका दौरे पर रहेंगे पीएम मोदी

 

गौरतलब है कि पीएम मोदी 21 से 27 सितंबर के दौरान अमेरिकी दौरे पर जाने वाले हैं जहां वह संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे. साथ ही वह ह्यूस्टन में प्रवासी कार्यक्रम को भी संबोधित करेंगे जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी शिरकत करेंगे. इस कार्यक्रम में करीब 50 हजार लोगों के आने की उम्मीद है.