वॉशिंगटन, एजेंसी। जहां एक ओर तिब्बती लोग दलाई लामा के गुजरने की अकल्पनीय संभावना से जूझ रहे हैं। वहीं, अमेरिका चीन के खिलाफ एक रेखा बनाने की कोशिश कर रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी और कानूनी चेतावनी के जरिए संयुक्त राज्य अमेरिका पहले ही ये स्पष्ट करने की कोशिश कर रहा है कि अगर बीजिंग दलाई लामा के चुनाव में कोई दिक्कत पैदा करता है तो उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपमान का सामना करना पड़ेगा।

14 वें दलाई लामा  को 84 साल की उम्र में उन्हें छाती के इन्फेक्शन के कारण अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था। हालांकि, उन्हें किसी और गंभीर स्वास्थाय समस्याएं नहीं थी। बहरहाल, तिब्बती कार्यकर्ता और बीजिंग दोनों इस बात से अवगत हैं कि उनकी मृत्यु हिमालयी क्षेत्र में स्वायत्तता के लिए एक बड़े झटके हो सकती है।

एक नोबल पुरस्कार विजेता, नैतिक शिक्षाओं और उनके ह्यूमर ने उन्हें दुनिया का सबसे लोकप्रिय धार्मिक नेता बना दिया है।चीन ने दलाई लामा के प्रतिनिधियों के साथ नौ साल तक बातचीत नहीं की है और संकेत देता रहा कि इससे उनके उत्तराधिकारी की पहचान हो सकती है।