श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ , पंचपुरी चकशिवचेर लालापुर में बही ज्ञान की धारा , ज्ञान यज्ञ समाज के लिए कल्याणकारी —- ( कभी राम बनके कभी श्याम बनके चले आना प्रभुजी चले आना) लालापुर ( प्रयागराज ) क्षेत्र के पंचपुरी चकशिवचेर लालापुर गांव में ज्ञान का सागर बुद्धि जीवियों एवं धार्मिक व्यक्तियों का क्षेत्र कहा जाता है । इसी क्रम में चकशिवचेर लालापुर में आज सोमवार से श्रीमद्भागवत कथा का आरंभ आज से शुरू हो गया है । समाज के लिए धार्मिक ज्ञान यज्ञ का होना बहुत जरूरी है। इससे श्रीमद्भागवत पुराण से लोगों का आचार विचार में शुद्धिकरण होते रहते हैं । इसी क्रम में चकशिवचेर में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन 7 दिसम्बर सोमवार से आरंभ होकर 14 दिसम्बर सोमवार तक चलेगा । जिसकी शोभायात्रा (कलश ) यात्रा सोमवार को गाजे-बाजे के साथ निकाली गई । इस कलश यात्रा में सैकड़ों ग्रामीण लोगों ने भाग लिया । चकशिवचेर गांव माँ गायत्री भवन से कलश यात्रा शुरू होकर प्रतापपुर गांव में जाकर मां कालिंद्री की पूजा करते हुए कलश भरकर ग्राम देवता भैरव बाबा मंदिर के स्थान पर पूजा किया । उसके बाद पूरे ग्राम में कलश सिर पर रखकर परिक्रमा के साथ गांव के विभिन्न मंदिरों में जाकर देवताओं को आमंत्रित (आवाहन) किया । श्रीमद्भागवत कथा के मुख्य श्रोता पंडित घनश्याम प्रसाद त्रिपाठी एवं सपत्नी श्रीमती गायत्री त्रिपाठी कथावाचक आचार्य विद्याधर त्रिपाठी ( मधुर जी ) वृंदावन आश्रम ने कलश स्थापना विधि पूजन नवग्रह को आमंत्रित किए। वही कथा व्यास पंडित आचार्य विद्याधर त्रिपाठी ने कहा संपूर्ण कलश यात्रा भव्य एवं बहुत सुंदर ढंग से संपन्न हुआ । समूचे समाज का इस धार्मिकअनुष्ठान से समाज का कल्याण होगा । अगहन मास कृष्ण पक्ष में श्रीमद् भागवत कथा का होना बहुत ही शुभ एवं कल्याणकारी माना जाता है। इस कार्यक्रम के आयोजक बृजेश कुमार तिवारी एवं राजेश तिवारी के द्वारा संपन्न कराया जा रहा है । उक्त अवसर पर मुरारीलाल त्रिपाठी गंगेन्द्र त्रिपाठी, जमुनेंद्र त्रिपाठी , ज्ञानेंद्र त्रिपाठी राकेश तिवारी वीरेंद्र प्रसाद पाण्डेय किशन त्रिपाठी, शिवम् त्रिपाठी देवेश मणि त्रिपाठी सर्वेश त्रिपाठी सत्यम् त्रिपाठी ,संजय मिश्रा मयंक शुक्ला तमाम पुरूष एवं महिलायें आदि तमाम लोग शामिल हुए । रिपोर्ट /सुरेन्द्र पाण्डेय लालापुर प्रयागराज ।