लोकतंत्र की रक्षा के लिए हम 32 दिनों में शांतिपूर्वक एवं गांधीवादी तरीके से धरने पर बैठे हैं परंतु संविधान की हत्या को देखते हुए आज जिससे भारत के इतिहास में आने वाली पीढ़ियों के लिए यह प्रमाण के रूप में दिखता रहे कि लोकतंत्र और संविधान नाम की चीज भारत देश में जैसे संभव नहीं है!

विकास खंड कौधियारा मे सरकार द्वारा चल रही योजनाओ मे बड़े पैमाने पर सरकारी धन और संसाधन का दुरुपयोग प्रधान व अधिकारियों की मिलीभगत से पद का उपयोग सरकारी योजनाओ को सुचारु रूप से लागू करने के बजाय गबन मे सहभागिता होना प्रतीत हो रहा है । स्वच्छभारतमिशन के तहत अधूरे शौचालय निर्माण , विद्यालय कायाकल्प निर्माण मे घोटाले के विरोध मे गांव के गोविंद प्रसाद तिवारी, केके मिश्रा, पंकज मिश्रा राज त्रिपाठी माध्यमिक विद्यालय पिपरहटा मे लगातार स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने शौचालय, कायाकल्प के तहत हुये प्राथमिक ।उच्च प्राथमिक विद्यालय मे निर्माण कार्य में कई लाखों रुपए का गबन की जांच के लिए सत्याग्रह के 31 दिन बीत जाने के बाद आज तक न कोई अधिकारी जांच करने नहीं आया है और न ही सत्याग्रहियों से बात कर रहा है ।

ग्राम सचिव पिपरहटा सातवे दिन आकर जांच के नाम पर ग्रामीणो को डराने और भड़काने के लिए लाभार्थियो को कोरी नोटिस जारी कर भ्रष्टाचार पर पर्दा डाला । ग्रामीणो का कहना है की साढ़े चार साल बीत जाने के बाद नोटिस की याद तब याद आई जब लोग धरने पर बैठे है । सरकार योजना गरीबो के उत्थान के लिए बनाती है लेकिन सरकारी तंत्र उसे खा जाता है । जहा प्रदेश और जिला ओडीएफ घोषित है वही गाँव के गाँव खुले मे शौच के लिए मजबूर है l करोड़ो रुपए खर्च करने के बाद भी केवल कागज पर ही शौचालय बन पाये है । ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उच्चस्तरीय जांच कराके दोषियों के ऊपर दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाती हैं तब तक आंदोलन जारी रखेंगे l

 

प्रयागराज शंकरगढ़ से रतनेश केशरवानी की रिपोर्ट।