स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन को काफी मेहनत से कोरोना संक्रमण को थामने में सफलता मिल रही है, वहीं कुछ संक्रमित मरीज खुद को छुपाकर अधिकारियों की मुसीबत बढ़ाए हुए हैं। अनूपशहर रोड स्थित सिल्वर अपार्टमेंट में रहने वाले परिवार ने प्रशासन को खूब छकाया। प्रशासन उन्हें भर्ती कराने के लिए बाहर ढूंढ़ता रहा, मगर वे घर में ही बंद पाए गए। एफआइआर की चेतावनी के बाद मरीज सामने तो आए, लेकिन भर्ती होने के लिए फिर तैयार नहीं हुए। प्रशासन इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी में है।

ये है मामला

विगत सात अक्टूबर को अपार्टमेंट में रहने वाला 49 वर्षीय व्यक्ति की कोविड-19 रिपोर्ट पाॅजिटिव आई। कंट्रोल रूप से उसे भर्ती करने के लिए कई बार फोन किया गया, मगर उसे रिसीव नहीं किया। कई दिन बाद तबीयत बिगड़ने पर मेडिकल काॅलेज में जाकर भर्ती हो गया। यह बात एसीएम द्वितीय रंजीत सिंह उसके घर पहुंचे, तब पता चला। उन्होंने मरीज की पत्नी, बेटे व एक अन्य व्यक्ति के सैंपल कराए। अगले दिन उनकी रिपोर्ट भी पाॅजिटिव आई। कंट्रोल रूम से पुन: फोन किया गया, तो उन लोगों ने फिर फोन नहीं उठाया। ऐसे में एसीएम द्वितीय फिर उनके घर पहुंचे। देखा कि घर पर ताला लगा हुआ है। अपार्टमेंट से पता चला है कि रिपोर्ट आने के बाद से सभी लोग गायब हैं।