उर्सला अस्पताल में सर्जन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। अस्पताल में तैनात सर्जन ने ऑपरेशन के दौरान महिला का गॉल ब्लैडर (पित्त की थैली) निकालने की बजाए बच्चेदानी ही निकाल दी। जब मरीज के स्वजन को जानकारी हुई तो उन्होंने डॉक्टर की शिकायत अस्पताल प्रशासन से की। अस्पताल प्रशासन कार्रवाई करने की बजाए मामले को दबाने में जुटा है।

लाटूश रोड निवासी संजय मजदूरी करके परिवार चलाते हैं। पिछले दिनों उनकी पत्नी नीतू के पेट में दर्द हुआ तो उर्सला अस्पताल में दिखाया। डॉक्टर ने जांच के बाद बताया कि गॉल ब्लैडर में पथरी है। ऑपरेशन करके गॉल ब्लैडर निकालना पड़ेगा। पिछले बुधवार को ऑपरेशन हुआ। नीतू ने बताया कि ऑपरेशन के बाद उसे वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। कुछ देर बाद डॉक्टर उसे फिर से ऑपरेशन थियेटर लेकर चले गए। उसी दिन उसका दूसरा ऑपरेशन भी कर दिया। ऑपरेशन डॉ. प्रशांत मिश्रा ने किया था। जब डॉ. प्रशांत मिश्रा से पूछा गया तो उन्होंने गलत ऑपरेशन करने की बात स्वीकार की। उनकी इस लापरवाही की शिकायत संजय ने उर्सला के निदेशक से की है। उसके बाद भी उर्सला निदेशक ने अब तक डॉक्टर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।