पीसीएस 2018 के अंतर्गत प्रधानाचार्य राजकीय इंटर कॉलेज के चयन में हुए कथित भ्रष्टाचार की वजह से वंचित प्रतियोगियों ने वर्चुअल मीटिंग की मीटिंग में भावी संघर्ष के लिए एक संघर्ष समिति का गठन किया गया राकेश चंद्र पांडेय को इसका अध्यक्ष चुना गया है राकेश पांडे ने बताया कि प्रदेश के सभी 18 मंडलों के संयुक्त शिक्षा निदेशकों से आरटीआई के माध्यम से इस पद को जारी किए गए अनुभव प्रमाण पत्रों की सूची मांगी गई है आरटीआई को ही हथियार बनाकर न्यायालय की मदद से चयन की अनियमितता को दूर कर वैध अभ्यर्थियों को उनका हक दिलाया जाएगा बता दें कि पीसीएस 2018 के अंतर्गत प्रधानाचार्य राजकीय इंटर कॉलेज के 83 पदों का विज्ञापन किया गया था जिसमें हाई स्कूल अथवा उसके ऊपर की कक्षाओं में 3 वर्ष तक नियमित अध्यापन का संयुक्त शिक्षा निदेशक से प्रति हस्ताक्षरित अनुभव प्रमाण पत्र मांगा गया था साक्षात्कार को पुल 248 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया था जिसमें से 175 अभ्यर्थियों ने साक्षात्कार से पूर्व अनुभव प्रमाण पत्र आयोग में जमा नहीं किया था ऐसे व्यक्तियों को आयोग ने 27 जून 2020 को विज्ञप्ति जारी कर कहा था कि अगर इन्होंने साक्षात्कार के समय अनुभव प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया तो ऐसे अभ्यर्थियों का प्रधानाचार्य पद हेतु दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा आरोप है कि साक्षात्कारोपरान्त ऐसे 23 अभ्यर्थियों को औपबंधिक रूप से चयनित कर लिया गया जिन्होंने अभी भी आयोग को अनुभव प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया है इस तरह से कथित भ्रष्टाचार पर संघर्ष समिति न्यायालय की शरण लेने को तैयार है