पुरस्कार वितरण के दौरान उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाजसेवी रतन केसरवानी ने कहा कि अभी तक गांव की पहचान केवल शारीरिक खेल कुश्ती , कबड्डी दौड आदी के लिए ही जाना जाता था | किंतु नई पीढ़ी की उत्सुकता ने गांव को धीरे धीरे उन खेलों की ओर भी मोड़ा जिस खेल को गांव के लोग मात्र बड़े लोगों की खेल समझा करते थे | उन्होंने कार्यक्रम के आयोजकों का विशेष आभार व्यक्त करते हुए उत्साहवर्धन किया कि शतरंज कि इस प्रतियोगिता को ग्रामीण क्षेत्र में करा करके उन्होंने नई पीढ़ी के बच्चों में शतरंज खेलने का एक उत्साह पैदा किया है | उन्होंने यह भी कहा कि अब ग्रामीण क्षेत्र के अभिभावक अपने बच्चों को पढ़ाई के साथ खेल में भी कैरियर बनाने के लिए जिस तरह से उत्साहित करते हैं |
आज निर्मल सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित शतरंज के फाइनल मैच उमेश यादव गौहनिया तथा विकास दुबे कांटी के मध्य खेला गया | जिसमें उमेश यादव ने विकास दुबे को हराकर के प्रथम विजेता का शील्ड अपने नाम किया |
कार्यक्रम में मुख्य रूप से नीरज सर जी, डॉ नागेंद्र केसरवानी, रिंकू केसरवानी , पंकज केसरवानी , गौरव जायसवाल , जाकिर हुसैन ,व माधुर्य केसरवानी के साथ कई दर्जन लोगों ने भाग लिया |

 

अखिलेश त्रिपाठी ब्यूरो चीफ प्रयागराज