प्रदेश सरकार द्वारा भले ही गोवंश के लिए ज्यादातर गांव में गांव गौं आश्रय स्थल के रूप में कान्हाँ गौशाला का निर्माण कराया हैं| लेकिन ग्राम सभाओं में बनी इन गौशालाओ मे रहने वाले गोवंश चारे व इलाज के अभाव में तड़प तड़प कर मर रहे हैं | वही ग्राम प्रधान केवल कागजों पर ही गौशाला में रहने वाले गोवंशों को चारा भूसा खिला रहे हैं तो वही पशु चिकित्साधिकारी केवल कागजों पर ही बीमार पशुओं का इलाज करने में लगे हुए हैं | जिसके कारण इन गौशालाओं में रहने वाले ज्यादातर गोवंश चारे के अभाव व इलाज के अभाव में तड़प तड़प कर मर रहे हैं | वही गौशाला में मरे हुए गोवंश के मांस को कौवे व कुत्ते नोच नोच कर खा रहे हैं | कुछ इसी प्रकार का हाल है कौंधियारा विकास खंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम सभा नौगवां में बनी कान्हाँ गौशाला का है जहां पर ग्राम प्रधान की मनमानीयों के चलते गौशाला में रहने वाले गौवंश चारे के अभाव में भूख प्यास से छटपटा रहे हैं | तो वही भूख प्यास के कारण कमजोर हो चुके गोवंश बीमार पड़ने के कारण इलाज के अभाव में तड़प तड़प कर अपने प्राण त्याग रहे हैं | लेकिन पशु चिकित्सा अधिकारी कौधियारा के द्वारा केवल कागजों पर ही गौशालाओं में रहने गौवंशों का इलाज कर रहे हैं | वहीं गौशाला में रहने वाले कर्मचारियों के द्वारा बताया गया कि गौशाला में कभी भी बीमार पशुओं का इलाज करने के लिए पशु चिकित्सा अधिकारी कौधियारा आए ही नहीं तो इलाज क्या करेंगे | जबकि गौशाला में काम करने वाले मजदूरों के द्वारा यह भी बताया गया कि कोरोना के कारण लाँकडाउन लगने के बाद से आज तक ग्राम प्रधान नौगवां उमाशंकर बिंद गौशाला पर आए ही नहीं | जबकि गौशाला में रहने वाले गोवंशों के लिए ग्राम प्रधान के द्वारा केवल कागजों पर ही पर्याप्त मात्रा में भूषा व चुनी चोकर का भंडारण किया जा रहा है | जबकि हकीकत में गौशाला में चारा व भूसा का अभाव देखा जा रहा है | वहीं पशुचिकित्साधिकारी कौधियारा के द्वारा केवल कागजों पर ही गौशाला में रहने वाले गोवंशों का इलाज करके उन्हें स्वस्थ दिखाया जा रहा है | वही इलाज के अभाव में गौशाला में आज ही दर्जनों मवेशी तड़प तड़प कर मर रहे हैं | आखिर इन बेजुबान गौवंशों पर ग्राम प्रधान व पशु चिकित्साधिकारी का इस तरह से अत्याचार कब तक चलता रहेगा | जो अपने दायित्यो का निर्वहन सही से नही कर रहे है | *रावेंद्र कुमार तिवारी संवाददाता टुडे इंडिया लाइव न्यूज़ कैमरामैन राजेश कुमार तिवारी*