उत्तर भारत के कोरोना संक्रमित मरीजों में सांस और बुखार की परेशानी काफी कम मिल रही है। यह देश का पहला शोध है, जिसमें भारतीयों में लक्षण का पता लगाया गया है।

अभी तक विदेशी शोध और अनुभवों के आधार पर देश के चिकित्सक लक्षणों से कोरोना संक्रमण की आशंका जानकर जांच या इलाज की दिशा तय करते रहे हैं।

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) ने अपने इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च में बताया है कि कोरोना संक्रमित केवल 17 फीसद लोगों में बुखार और 5.6 फीसद में सांस की परेशानी पाई गई है।