अयोध्या श्री राम जन्म भूमि आन्दोलन के महानायक और विहिप के अन्तर्राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे स्वर्गीय अशोक सिंघल को देश का सर्वोच्च सम्मान “भारत रत्न” दिए जाने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। साधु संतों की सर्वोच्च संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने स्वर्गीय अशोक सिंघल को देश के सर्वोच्च सम्मान “भारत रत्न” से नवाजे जाने की मांग की है।

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी ने कहा है कि जिस तरह देश की आजादी में योगदान के लिए महात्मा गांधी को राष्ट्र पिता की उपाधि दी गई है। उसी तरह से हिन्दू हृदय सम्राट और राम मंदिर आन्दोलन के महानायक रहे स्वर्गीय अशोक सिंघल को भी उपाधि दी जानी चाहिए। महंत नरेन्द्र गिरी ने कहा है कि अखाड़ा परिषद की आगामी बैठक में सभी तेरह अखाड़ों के साधु संत मिलकर स्वर्गीय अशोक सिंघल को “भारत रत्न” दिए जाने को लेकर प्रस्ताव पास करेंगे और देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भी भेजेंगे। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी ने स्वर्गीय अशोक सिंघल को सद्गृहस्थ संत बताते हुए कहा है कि उन्होंने राम मंदिर आन्दोलन के जरिए न केवल देश भर के साधु संतों को एक जुट किया बल्कि सनातनियों में उन्होंने राष्ट्र के प्रति चेतना भी जगायी।

जिसके परिणामस्वरुप ही राम मंदिर आन्दोलन जन आन्दोलन बना और अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनने का उनका सपना भी साकार होने जा रहा है। महंत नरेन्द्र गिरी ने कहा है कि स्वर्गीय अशोक सिंह सभी साधु संतों का सम्मान करते थे और उन्होंने अपना पूरा जीवन भगवान राम के लिए समर्पित कर दिया। इसलिए उन्हें “भारत रत्न” से सम्मानित किए जाने के साथ ही देश की सबसे बड़ी उपाधि दी जानी चाहिए। गौरतलब है कि राम जन्मभूमि आन्दोलन से जुड़े रहे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या भी स्वर्गीय अशोक सिंघल को “भारत रत्न” दिए जाने का समर्थन कर चुके हैं।