चित्रकूट में इन दिनों गावो से लेकर शहर तक मे पूरी तरह कमीशन खोरी का मामला जोरो पर है ग्राम पंचायतों के चुनाव आने को है लेकिन जिले की 335 ग्राम पंचायतों में आधे से ज्यादा ग्रामो में अभी तक न तो गौशालाओं की स्थिति अच्छी है और न ही स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालयों की स्थिति सही है इसी को लेकर आज जिले के कलेक्टर परिसर में लगभग 5 सालों से तंग आकर जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है।

चित्रकूट के ग्राम पंचायतों में विकास को लेकर हर दिन मीडिया में प्रिंट मीडिया से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में खबरे प्रकाशित की जाती है लेकिन न तो इस पर प्रशासन ध्यान दे रहा है और न ही ब्लाकों के वीडियो सब कमीशनखोरी में मस्त है दरअसल मामला चित्रकूट जनपद के पहाड़ी ब्लाक अन्तर्गत बरेठी गावँ का है ।जहाँ के लोग अपने गावँ में विकास को लेकर खुश नही है इसी को लेकर लगभग 100 से ज्यादा ग्रामीण कलक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी के यहां धरना प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया और अपने गावँ के हालात बताये ग्रामीणों ने मीडिया से बातचीत में बताया कि हमने 1 साल में जिलाधिकारी चित्रकूट को अपने गावँ की हकीकत से 4 बार अवगत कराया है लेकिन आज तक हमारे गावँ का ध्यान नही दिया गया और न ही कभी अधिकारी इस गावँ के चक्कर काटने आये हमारे गावँ में गौशाला ही नही है अगर बनी भी है तो वह जुगाड़ू जिस कारण दिन को तो जानवर पहाड़ो पर चरने के लिए जाते है लेकिन रात को इनको बांधा भी नही जाता है और हमारी फसलों को यह जानवर चट कर जाते है आज हम सभी गांव के निवासी सिर पांचवी बार जिलाधिकारी को पत्र देकर अवगत कराने आये है अगर हमारी समस्या को जल्द दूर नही किया गया तो हम सभी ग्रामीण उग्र प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे और इसका जिम्मेदार खुद जिले का आला प्रशासन होगा।

अपनी समस्याओं को कलेक्टर परिसर में धरना देने आए लगभग एक सैकड़ा लोगो को उस वक्त महंगा पड़ गया जब कलेक्ट्रेट परिसर से होकर उसी गावँ के प्रधान प्रतिनिधि जो उसी गावँ के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में हेड मास्टर के रूप में अपने ही गावँ में तैनात है प्रधान उसी की माँ है प्रधानी का पूरा काम उसका लड़का हेडमास्टर देखता है जो कभी जल्दी स्कूल नही आता है और अगर गावँ के विकास की बात करो तो वह मारने पर उतारू हो जाता है और कई लोगो को मार भी चुका है इसी को शिकायत को लेकर पहले हमने जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया और उसके बाद जिले के बेशिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय गए तो हेड मास्टर की शिकायत करना भारी पड़ गया और BSA प्रकाश सिंह ने हमारे 48 लोगो के ऊपर कोविड 19 के तहत मुकदमा लिखवा दिया गया और हमे लगभग देर शाम 7 बजे छोड़ दिया गया लेकिन साहब ने बिना हमारी बात सुने ही हमारे ऊपर मुकदमा लिखवा दिया लेकिन हेडमास्टर के खिलाफ एक शब्द भी नही सुन सके।