दोस्ती, वो शब्द जो किसी भी इंसान को विरासत में नहीं मिलता। वो रिश्ता जो जन्म से नहीं जुड़ता। जिस रिश्ते को किसी खास बंधन की जरूरत नहीं होती फिर भी वो रिश्ता जीवन की बगिया को महकाता है। दुखाें के कांटों को चुनकर सीख की पौध खिलाता है। हां, बेशक रूठना, मनाना भी इस रिश्ते का अभिन्न हिस्सा है लेकिन दोस्ती में झगड़े न हों तो महज वो औपचारिकता है। तभी तो कहते हैं, हरेक फ्रैंड जरूरी होता है। दोस्ती का रिश्ता प्राचीन काल से चला आ रहा है। चाहे भगवान कृष्ण और सुदामा की दोस्ती हो या दुर्योधन और करण की। बस तेजी से बदलती दुनिया और भागदौड़ भरी जिंदगी में एक दिन दोस्ती के नाम कर दिया गया। यह दिन है फ्रेंडशिप डे।

अंतरराष्ट्रीय मित्रता दिवस या फ्रेंडशिप डे (Friendship Day 2020 ) हर वर्ष अगस्‍त के पहले रविवार को मनाया जाता है. इस दिन को लोग अपने दोस्तों के साथ सेलिब्रेट करते हैं. इस दिन लोग दोस्तों के साथ पार्टी करते हैं और घूमने जाते हैं. दोस्तों के बीच इस दिन का खास महत्व हैं. जिस तरह पिता के लिए फादर्स डे और मां के लिए मदर्स डे समर्पित होता है उसी प्रकार दोस्तों के लिए फ्रेंडशिप डे समर्पित होता है. फ्रेंडशिप डे के मौके पर लोग अपने दोस्तों को कार्ड, फूल और चॉकलेट गिफ्ट करते हैं. फ्रेंडशिप डे पर बॉलीवुड में कई गाने भी बने हैं जो दोस्ती को दर्शाते हैं. इस साल फ्रेंडशिप डे 2 अगस्त 2020 को मनाया जाएगा

जानिए किसने की शुरुआत

फ्रेंडशिप डे की नींव रखी थी हॉलमार्क काडर्स के संस्थापक अमेरिकी जॉयस हॉल ने अपने एक मित्र को शुभकामना संदेश (ग्रीटिंग कार्ड) भेजकर, मगर इसे विश्व के फलक पर पहचान दिलाई दक्षिण अमेरिकी देश पराग्वे के डॉक्टर रेमन अरटेमिओ ब्राचो ने। 20 जुलाई 1958 को डॉक्टर रेमन अपने कुछ खास दोस्तों के साथ पराग्वे से 200 मील दूर पुएर्तो पिनास्को नामक शहर में डिनर कर रहे थे, तभी उन्हें ख्याल आया कि क्यों न वर्ष में एक दिन दोस्ती के नाम समर्पित कर दिया जाए। यह विचार उन्होंने अपने दोस्तों से साझा किया और यहीं से फ्रेंडशिप डे वजूद में आया। इसके बाद पराग्वे में हर वर्ष 30 जुलाई का दिन मित्रता दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। इस दिन लोग अपने दोस्तों को ग्रीटिंग कार्ड भेंट कर शुभकामना देते। धीरे-धीरे सभी दक्षिण अमेरिकी देशों में दोस्ती का यह पर्व मनाया जाने लगा। पराग्वे से शुरू हुआ यह सफर आज दुनिया के हर कोने तक पहुंच चुका है। आज भले ही कार्डस की जगह फ्रेंडशिप बैंड और महंगे गिफ्ट्स ने ले ली हो, मगर दोस्ती के इस पर्व का भाव पूर्ववत ही है।