अमेरिका के राष्ट्रपति ने शुक्रवार (31 जुलाई) को एक बार फिर इस बात के संकेत दिए कि वे चीनी एप टिकटॉक पर प्रतिबंध लगा सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि टिकटॉक के अलावे उनके पास दूसरे विकल्प भी है, जिस पर सोच-विचार किया जा रहा है। अमेरिका में टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाने के कदम ने भारत में जून महीने में इस संबंध में लिए गए फैसले के बाद गति पकड़ ली है।

चीन के खिलाफ डिजिटल स्ट्राइक को तैयार ट्रंप

इससे पहले बुधवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा था कि अमेरिकी सरकार टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाने के बारे में सोच रही है। ट्रम्प से जब संभवतः चीनी आवेदन पर प्रतिबंध लगाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हम TikTok को देख रहे हैं। हम एक निर्णय लेने के बारे में सोच रहे हैं। इससे पहले जुलाई में अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपिओ(Mike Pompeo) ने कहा था कि ट्रंप सरकार, गोपनीयता से जुड़ी चिंताओं को लेकर टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है।

व्हाइट हाउस पहले ही कर चुका है इशारा

व्हाइट हाउस ने भी बीते 15 जुलाई को इस तरफ इशारा किया था कि टिकटॉक समेत चीनी मोबाइल ऐप्स पर कोई फैसला महीनों में नहीं, बल्कि कुछ हफ्तों के भीतर लिया जा सकता है। व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टाफ मार्क मीडोज ने अटलांटा से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ एयर फोर्स वन विमान से उड़ान भरते समय पत्रकारों से कहा था, ‘मुझे नहीं लगता कि कार्रवाई के लिए खुद से कोई समयसीमा तय की गई है लेकिन मुझे लगता है कि इस पर फैसला कुछ हफ्तों में होगा न कि महीनों में।’ मीडोज ने कहा था, “कई प्रशासनिक अधिकारी हैं जो राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरे पर विचार कर रहे हैं क्योंकि यह टिकटॉक, वीचैट और अन्य ऐप से जुड़ा है जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है खासतौर से यह एक विदेशी दुश्मन द्वारा अमेरिकी नागरिकों की सूचना एकत्रित करने से जुड़ा है।”

भारत में पहले ही बैन हो चुका है टिकटॉक

बता दें कि भारत पहले ही टिकटॉक पर प्रतिबंध लगा चुका है। पूर्वी लद्दाख की गलवन घाटी में हिंसक झड़प के बाद वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर उपजे बेहद तनावपूर्ण माहौल के बीच भारत ने यह बड़ा कदम उठाया था। भारत सरकार ने टिकटॉक समेत 59 मोबाइल एप पर प्रतिबंध लगा दिया। बैन किए गए ऐप्स में यूसी ब्राउजर भी शामिल है, इसके अलावा कई अन्य मोबाइल एप भी हैं।

चीन के जिन एप पर रोक लगाई गई है उनमें शेयरइट, यूसी ब्राउजर, एमआइ कम्यूनिटी एप आदि शामिल हैं। मोदी सरकार का चीन के खिलाफ इसे बड़ा कदम माना गया है। देश में 59 चीनी ऐप पर बैन के बाद Dy 275 और चाईनीज ऐप की लिस्ट तैयार की गई है। इस लिस्ट में टेंसेंट कंपनी का लोकप्रिय गेम पबजी भी शामिल है। जिस पर प्रति​बंध का निर्णय जल्द लिया जा सकता है।