संवाददाता आशुतोष मिश्रा

उन्नाव।बांगरमऊ/बसखारी ब्लॉक के अंतर्गत पडरिया फौलादपुर गांव में विकास के नाम पर बंदरबांट किया गया है, ग्रामीणों में काफी क्रोध देखने को मिला। पड़रिया फौलादपुर ग्राम सभा के ग्रामीणों का कहना है कि प्रधान बंसराज के द्वारा काफी बंदरबांट किया गया है जैसा कि खड़ंजा निर्माण 200 मीटर दयाराम के चक से रामजियावन विश्वकर्मा के राइस मील तक का निर्माण कार्य कागज में हो चुका है मगर सड़क वैसे ही है। ग्रामीणों का कहना है कि उस खड़ंजा निर्माण में से तो निकाल लिए गए हैं लेकिन कुछ कार्य नहीं किया, ग्रामीणों का कहना है कि 186600 निकाल लिए गए हैं लेकिन प्रधान द्वारा कुछ खड़ंजा निर्माण में कार्य नहीं करवाया गया है फिर ग्रामीणों ने बताया दूसरा खड़ंजा निर्माण नन्हे चौबे के घर के पास से कल्लू यादव के खेत तक का निर्माण दिखाकर पैसा निकाल लिया गया और उस खड़ंजा निर्माण पर कुछ कार्य नहीं कराया गया, खड़ंजा वैसे ही है। ग्रामीणों ने बताया कि 135200 पैसा निकाला गया वही फिर जिया लाल दुकान से लेकर निर्माण कराया गया उसमें ₹200000 दिखा कर निकाला गया। ग्रामीणों ने बताया कि पूरे गांव में विकास के नाम पर सिर्फ ठगी की जा रही है जिससे गांव के लोगों का कहना है कि आवागमन बंद है आने-जाने में दिक्कत काफी हो रही है और हम लोगों को दिक्कतों का सामना किया जा रहा है और कच्चा रास्ता होने की वजह से बारिश में रास्ता बेहद खराब हो जाता है जिससे ग्राम वासियों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है। लगातार जब प्रधान से शिकायत की जाए तो प्रधान बोलते हैं की जो करना होगा कर लेना मेरा, हम कुछ नहीं करेंगे जिससे ग्रामीणों ने काफी आक्रोश देखने को मिला जब संदर्भ में प्रधान के लड़के बबलू से बात की गई तो उन्होंने अपना पल्ला झाड़ लिया और कहा गया कि जनप्रतिनिधि से बात कराई जाए तो उन्होंने कहा कि वह मोबाइल नहीं चलाते और वह घर पर हैं, मैं कहीं बाहर हूं, और पूरा कर नहीं देखता हूं। जब सचिव से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मैं अभी नया आया हूं और मेरे कार्यकाल में कोई काम नहीं हुआ है कागज देख कर बता दूंगा। वाह रे ग्राम प्रधान तेरी रासलीला ग्राम सभा में जनता की आवाज को नहीं सुना जा रहा है ग्रामीणों द्वारा बिरोध किया गया। विरोध कर्ता दिनेश विश्वकर्मा सुभाष यादव, रणविजय, जगदीश यादव, रोशन लाल, हौसला, महेंद्र, अतुल, संदीप, पप्पू, राजेश, चंद्रभान, विशाल, रामप्रीत, वासुदेव, धर्मवीर यादव आदि ने विरोध किया ।