संवाददाता आशुतोष मिश्रा

उन्नाव। गंजमुरादाबाद/सरकार की महत्वपूर्ण स्वच्छ भारत मिशन के तहत चलाई गई खुले में शौच मुक्त भारत के पांच वर्ष पूर्ण होने से पहले ही दम तोड़ती नजर आ रही है। क्षेत्र के गांवो में दर्जनों की संख्या में शौचालय धराशायी हो चुके है। तो सैकड़ो की संख्या में निष्प्रयोज्य साबित हो रहे है तो भारी संख्या में शोपीस बनकर रह गए है।
भारत को स्वच्छ बनाने व लोगो को खुले में शौच से मुक्ति दिलाने हेतु सरकार द्वारा अति महत्वपुर्ण योजना स्वच्छ भारत मिशन चलाकर इसके माध्यम से गांव गांव घर घर तक इस योजना के तहत लोगो को शौचालय का लाभ दिया गया। जिससे लोग खुले में शौच करना बंद करे तथा एक स्वच्छ भारत बन सके किन्तु सरकार की इस योजना में बड़े पैमाने पर ब्याप्त भृष्टाचार के चलते अधिकत्तर शौचालय पांच वर्ष पूर्ण करते नही दिख रहे है।यदि गांवो में पहुँचकर हकीकत देखी जाए तो दर्जनों की संख्या में शौचालय नेस्तनाबूद हो चुके है तो सैकड़ो की संख्या के दरवाजे आदि गायब होने से यह निष्प्रयोज्य बनकर रह गए है।तो वही बड़ी संख्या में शौचालय धराशायी होने की कगार पर पहुँच चुके है। जिससे ग्रामीण क्षेत्र में एक बार फिर से लोग लोटा लेकर शौच क्रिया हेतु खेतो की तरफ रुख करने लगे है।
गांव भिखारीपुर पतसिया निवासी लाभार्थी अगनू, लाखन, महाबीर व कन्हैयालाल के शौचालय गिरकर धराशायी हो गए है। तो गांव कपूरपुर में कई शौचालय कचरे के ढेर पर खड़े दुर्दशा पर आँशु बहा रहे है। इसी क्रम में गांव कलवारी महमदाबाद, सिरधरपुर गैर एहतमाली, सिरधरपुर एहतमाली, मेलारामकुवंर आदि सहित लगभग सभी ग्राम पंचायतों में शौचालय योजना यह पंचवर्षीय पूरी करती नही दिख रही है। सभी गांवो में निर्मित अधिकतर शौचालय दम तोड़ते दिख रहे है। जिससे सरकार की स्वच्छ भारत मिशन की यह योजना धराशायी होती दिख रही है।