भारतीय वायुसेना के बेड़े में पांच सुपरसोनिक राफेल शामिल हो गए हैं। ये फाइटर विमान के अंबाला एयरबेस पर लैंड हाे गए हैं। इस मौके पर वायुसेना अध्‍यक्ष एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया सहित वायुसेना के प्रमुख अधिकारी मौजूद हैं। लैंडिंग से पहले इन विमानों ने अंबाला एयरबेस की परिक्रमा की। राफेल को यहां पहुंचने पर ‘वाटर सैल्‍यूट’ जा रहा है। अंबाला में धूप निकल आई है। ऐसे में लैंडिग में कोई समस्‍या नहीं रही। जानकारी के अनुसार पांचों राफेल फाइटर विमान को दो सुखोई MKI विमान एस्‍कोर्ट कर रहे थे। अंबाला एयरबेस के आसपास वाहनों की मूवमेंट पूरी तरह राेक दिया गया था।

चीन के साथ विवाद के बीच भारत की ताकत कई गुना बढ़ने वाली है. दरअसल, फ्रांस से रवाना हुई राफेल (Rafale Fighter Jet) विमानों की पहली खेप आज अम्बाला पहुंचेगी. सूत्रों के मुताबिक, राफेल लड़ाकू विमान आज अम्बाला एयरफ़ोर्स स्टेशन पर दोपहर 1 बजे से लेकर 3 बजे के बीच लैंड करेगा. अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर राफेल के आगमन को लेकर तैयारियां हो रही हैं. पहली खेप में कुल पांच लड़ाकू विमान होंगे, जो कमांडिंग ऑफिसर ग्रुप कैप्टन हरकिरत सिंह के नेतृत्व में अम्बाला एयर बेस पर उतरेंगे. भारत आने के दौरान राफेल जेट की UAE में हुई एयर-टू-एयर Refuelling की गई.

राफेल का ‘नो एस्केप जोन’ जबर्दस्त

डिफेंस एक्सपर्ट अनिल चोपड़ा ने कहा कि अंबाला का रणनीतिक महत्व बहुत ज्यादा है. इसमें लगे मिटियोर मिसाइल की 60 किमी की नो एस्केप जोन है. इसका मतलब हुआ कि दुश्मन का जहाज 60 किमी के अंदर आ गया तो कुछ भी कर ले, वह बच के नहीं जा सकता. ऐसा नो एस्केप जोन किसी मिसाइल के पास नहीं है जो राफेल में है. स्काल्प मिसाइल से अंबाला में बैठे 540 किमी तक हिट किया जा सकता है. 60 किमी की रेंज का हैमर भी इसमें लगा है जिसकी एक्युरेशी जबर्दस्त है. जो लद्दाख में अभी हालात बने हैं, उसे देखते हुए हैमर मिसाइल बहुत काम करेगी. दुश्मन के हेडक्वार्टर या ब्रिज को हमें गिराना है तो वैसे टारगेट को यह मिसाइल हिट कर पाएगी.
लड़ाई में बेहद सुरक्षित है राफेल
डिफेंस एक्सपर्ट पीएस अहलूवालिया ने कहा, राफेल से भारतीय वायु सेना में ‘वैल्यू ऐड’ होगा, इससे ताकत बढ़ेगी. इससे हमारी कॉम्बैट की क्षमता बढ़ेगी. एयरफोर्स में और भी राडार हैं, कम्युनिकेशन सिस्टम हैं लेकिन राफेल इनके बीच में काम करेगा, इनके साथ काम करेगा. राफेल में सबकुछ अच्छा है लेकिन इसके हथियार खास तौर पर काफी अच्छे हैं. राफेल से वायुसेना की क्षमता में बहुत इजाफा होगा. हमारे लोगों को गर्व है कि हमारे पास भी कोई सिस्टम आ रहा है जो आगे कोई लड़ाई हो तो उसमें अहम जगह रखता है. अगर कोई राडार राफेल को पिकअप करना चाहता है उसे जाम किया जा सकता है. इसमें अति आधुनिक इलेक्ट्ऱनिक्स वॉरफेयर लगे हैं. कोई मिसाइल फायर नहीं कर सकता, इस लिहाज से राफेल काफी सुरक्षित है.

 

डीसी ने जारी किए आदेश, धारा 144 लागू

राफेल एयरक्राफ्ट के अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर 29 जुलाई के आगमन को देखते हुए डीसी अशोक कुमार शर्मा ने भारतीय दंड संहित 1973 की धारा 144 के तहत आदेश जारी किए गए हैं। आदेश के तहत एयरफोर्स स्टेशन के नजदीक लगते स्थानों धूलकोट, बलदेव नगर, गरनाला, पंजोखरा इत्यादि स्थानों से एयरफोर्स स्टेशन की किसी भी प्रकार की तस्वीर लेने पर प्रतिबंध लगाया गया है।

इस तरह से घातक है राफेल

राफेल के अधिकतम भार ढोने की क्षमता 24500 किलोग्राम है। ईंधन क्षमता 4700 किलोग्राम है। अधिकतम रफ्तार 2200 से 2500 तक किमी प्रतिघंटा है और इसकी रेंज 3700 किलोमीटर है। इसमें घातक एमबीडीए एमआइसीए, एमबीडीए मेटेओर, एमबीडीए अपाचे, स्टोर्म शैडो एससीएएलपी मिसाइलें लगी रहती हैं। इसमें थाले आरबीई-2 रडार और थाले स्पेक्ट्रा वारफेयर सिस्टम लगा होता है।

साथ ही इसमें ऑप्ट्रॉनिक सेक्योर फ्रंटल इंफ्रा-रेड सर्च और ट्रैक सिस्टम भी लगा है। 30 एमएम की तोप से 2500 राउंड गोले दागे जा सकते हैं। विमान 1900 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है। 300 किलोमीटर की रेंज से हवा से जमीन पर हमला करने में सक्षम है। 9.3 टन वजन के साथ 1650 किलोमीटर तक उड़ान भरने में सक्षम बताया जा रहा है। 14 हार्ड प्वाइंट के जरिये भारी हथियार भी गिराने की क्षमता है।