संवाददाता आशुतोष मिश्रा

उन्नाव। सफीपुर/खनन को लेकर जितना ज्यादा न्यायालय और प्रदेश सरकार सख्त है। उससे कहीं ज्यादा अवैध खनन करने वाले खनन माफिया सक्रिय हैं। जो सख्त आदेशों के बावजूद धड़ल्ले से दिनदहाड़े जेसीबी मशीन लगवाकर खनन करा रहे हैं। उन्नाव में देखा जाए तो बीते दिनों शासन की सख्ती के चलते खनन माफिया निष्क्रिय दिख रहे थे। लेकिन अब फिर से अवैध खनन में मशगूल हो गए हैं। शासन की इतनी सख्ती के बावजूद भी खनन माफिया सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। जबकि योगी सरकार न्यायालय के आदेश का पालन कराने के लिए भरसक प्रयास मे जुटी है। लेकिन पुलिस व अफसरों की मिली भगत से खनन माफिया भी सुप्रीम कोर्ट व एनजीटी को खुला चैलेंज करते नजर आ रहे हैं।
दरअसल काफी दोनों से सफीपुर तहसील अंतर्गत गुलाब कोल्ड स्टोरेज के निकट एसडीएम आवास का निर्माण हो रहा है। जिसमे मिट्टी भरान को लेकर खनन का मामला प्रकाश में आया है। जहाँ एक ठेकेदार द्वारा एक टीले से जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर ट्राली से मिट्टी भरान कराया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक ठेकेदार के पास कोई लिखित आदेश नहीं है। यहाँ तक कि सफीपुर एसडीएम ने भी इस मामले से पल्ला झाड़ लिया। यदि आदेश है भी तो बड़ी बात तो ये है, कि एक छोटे किसान को एक ट्राली मिट्टी लाने के लिए दर दर भटकना पड़ता है। लेकिन वहीं दूसरी ओर खनन माफियाओं को खनन का आदेश जारी कर दिया जाता। हालांकि शासन और प्रशासन सकते में है। मौके के मुताबिक खबर लिखे जाने तक ठेकेदार व प्रशासनिक अमले में अफरा तफरी का माहौल बना रहा। जबकि कुछ दिन पूर्व इसी एसडीएम आवास के निर्माण को लेकर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई थी। लेकिन हालात फिर भी नहीं सुधरे, स्थिति ज्यो की त्यों है।
प्रदेश में भाजपा जब सत्ता पर काबिज हुई। उस दौरान खनन माफिया अचानक से विलुप्त हो गए थे। लेकिन आज प्रदेश सरकार के कुछ साल बीतने के बाद फिर से खनन माफिया सक्रिय हो गए हैं और उनका माफियाराज कायम हो गया है। जिसके चलते अधिकारी भी कोई कार्यवाही करते नजर नहीं आ रहे हैं। इससे अधिकारियों पर भी मिलीभगत होने के सवाल उठने लाजमी हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस व अफसरों की लापरवाही के चलते खनन माफिया जिले की सफीपुर तहसील में भी पैर पसार चुके हैं।