साइबर ठग कोरोना से उपजे हालात को साधने में जुट गए हैं। इस उथल-पुथल के बीच नौकरियों पर मंडराते खतरे का हवाला देकर उन्होंने शिकार फांसना शुरू कर दिया है। लोगों को कंगाल करने के लिए इस बार उन्होंने वाट्सएप पर जाल बिछाया है। इसके तहत वो मोटी कमाई का लालच देने वाले मैसेज के साथ वाट्सएप लिंक साझा कर रहे हैं। अगर आप इनके जाल में फंसे और इस लिंक पर क्लिक कर दिया तो फिर अपनी गाढ़ी कमाई से हाथ धो बैठेंगे।

खास बात यह कि सिर्फ उत्तर प्रदेश में ही नहीं बल्कि देशभर में साइबर ठग इस तरीके के इस्तेमाल कर रहे हैं। लखनऊ साइबर सेल में ऐसी शिकायतों का अंबार है। इनकी जांच भी चल रही है। साइबर विशेषज्ञ बताते हैं कि जालसाजों की ओर से भेजे गए नंबर के लिंक पर क्लिक करते ही एक फॉर्म खुलता है। इस पर बैंक अकाउंट नंबर, एटीएम नंबर, ओटीपी समेत अन्य कई जानकारी भरनी होती है। लोग लालच में आकर जैसे ही डिटेल भरते हैं, ठगों तक उनकी आर्थिक एवं व्यक्तिगत जानकारी पहुंच जाती है। इसके साथ ही मोबाइल फोन का कंट्रोल ठग के हाथ में हो जाता है। फिर ठग आसानी से उनका खाता खाली कर देते हैं। सिर्फ आम आदमी ही नहीं, बल्कि पुलिस और प्रशासन के अफसरों को भी साइबर ठग ऐसे संदेश भेजकर फांस रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर फॉर्म भरने के तुरंत बाद अपना मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर दें और अकाउंट लॉक कराने के साथ साइबर सेल को सूचित कर दें तो ठगी से बच सकते हैं।

1000 किमी दूर बैठकर करते हैं ठगी

साइबर सेल के नोडल अफसर एसीपी विवेक रंजन राय बताते हैं कि साइबर ठग 1000 किलोमीटर दूर दूसरे राज्यों में बैठकर मैसेज भेजते हैं, जिससे पुलिस व साइबर सेल की टीम उनका आसानी से पता न लगा सके। हालांकि, ऐसे कई मामले ट्रेस करके जालसाजों को सलाखों के पीछे भी पहुंचाया जा चुका है और लगातार प्रयास जारी है। इस नेटवर्क में इंजीनियरिंग, एमबीए से लेकर कई ऐसे पढ़े लिखे युवा शामिल हैं, जो शॉर्टकट से अमीर बनने की हसरत रखते हैं।

केस एक

आशियाना निवासी डॉक्टर करुण को वाट्सएप पर ऐसा ही लिंक आया। क्लिक किया और जरूरी जानकारी भरी तो अकॉउंट से 11 लाख रुपये पार हो गए।

केस दो

वंदना शर्मा के वाट्सएप पर मैसेज आया। उन्होंने लिंक पर क्लिक कर बैंक डिटेल व अन्य जरूरी जानकारी भरी ठगों ने 5.50 लाख रुपये उड़ा दिए।

केस तीन

कलावती ने भी वाट्सएप लिंक पर क्लिक कर बैंक डिटेल व अन्य जरूरी जानकारी भरी। जलसाजों ने 3.00 लाख रुपये अकॉउंट से उड़ा दिए।