प्रशासनिक अमला के अनदेखी से जसरा बाज़ार में खुले आम चल रहे कोचिंग सेंटर, कलेक्टर प्रयागराज के आदेशों की उड़ाई जा रही धज्जिया

कोचिंग सेंटरो के मनमानी से पूरे क्षेत्र में कोरोना के संक्रमण बढ़ने का खतरा।

जसरा / आज जहा पूरे उ.प्र. में 31 जुलाई तक सभी शैक्षणिक संस्थाएं व कोचिंग सेंटर बंद करने के आदेश शासन द्वारा दिया गया है फिर भी जसरा मे बिना भय के खुले आम दो माह से कोचिंग सेंटर चल रहे है जो कलेक्टर महोदय प्रयागराज के आदेशों की अबहेलना है।
जिसकी जानकारी सम्बंधित अधिकारियो को भी है फिर भी प्रशानिक अमला मौन है। शिक्षा विभाग के मनमानी रवैये के कारण पूरे जसरा क्षेत्र में खुले आम कोचिंग सेंटर के छात्रों को पढ़ाया जा रहा है जिसके कारण कोरोना के खतरे का डर है लेकिन उन कोचिंग सेंटर वालो से बच्चो के जिंदगी से क्या लेना देना।
उन्हें तो सिर्फ पैसे से मतलब है लेकिन अविभावक इस ओर ध्यान क्यों नही दे रहे है ये समझ से परे है।
लॉक डाउन में मिली शर्त के अनुसार छूट का पालन करने की बजाय लोग उल्लंघन कर रहे है
प्रत्येक कोचिंग सेंटर में 15 से 50 की संख्या में बच्चे इकट्ठा होकर बिना मास्क और बिना सोसल डिस्टेंसिंग के कोचिंग ले है निश्चित तौर पर यदि हालात ऐसे ही बने रहे तो कोरोना वायरस का संक्रमण क्षेत्र में घर घर दस्तक देगा।
जबकि कलेक्टर प्रयागराज ने आदेश जारी किये है बिना मास्क के पाये जाने पर 100 सौ रूपये का जुर्माना और सार्वजानिक स्थानों में थूकने पर 1 हजार रूपये तक का जुर्माना है
वही प्रयागराज जनपद में तेजी से कोरोना का संक्रमण बढ़ रहा है ऐसे में जसरा बाज़ार
में कई जगह कोचिंग सेंटर का संचालन होना खतरे की घंटी है  जो सुवह 6 बजे सुवह 10 बजे तथा शाम 2 बजे से शाम 6 बजे तक बच्चो को पढ़ाया जाता है जिसमे देखा गया कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन बिल्कुल नही किया जा रहा है कई बच्चे एक साथ बैठ कर पढ़ते है
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब शैक्षिक सस्थानों और कोचिंग सेंटरों को बंद करने का आदेश है तो जसरा बाज़ार में किसके शह पर इन बच्चों के जिंदगी के साथ कोचिंग सेंटर वाले खिलवाड़ कर रहे है।

जहा पर लोगो ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे लोगो के साथ कार्यवाही कर दण्डित किया जाय।
*रावेंद्र कुमार तिवारी संवाददाता टुडे इंडिया लाइव न्यूज़*