हर घर में बिजली कनेक्शन व एलपीजी की उपलब्धता को देखते शासन ने 60 जिलों में केरोसिन का आवंटन समाप्त कर दिया है। अब केरोसिन का वितरण सिर्फ 15 जिलों में ही होगा। इसके लिए आदेश जारी कर दिए गए हैं।

किसको कितना मिलता था केरोसिन : राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत केरोसिन कवितरण दो श्रेणियों के लाभार्थियों में किया जाता था। अंत्योदय कार्डधारकों को हर माह तीन लीटर व पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को हर माह एक लीटर केरोसिन मिलता था।

शहर में पहले ही बंद

शासन ने केरोसिन की आवश्यकता का आकलन करने के लिए एक वर्ष पूर्व सर्वे कराया था। सर्वे में अधिकांश परिवारों के पास बिजली कनेक्शन व एलपीजी कनेक्शन की उपलब्धता पाई गई थी। प्रकाश व भोजन पकाने लिए इन सुविधाओं का प्रयोग किया जा रहा है। शहर में लगभग सभी परिवारों की पास ये सुविधा पाई गई थी। जिसपर पहले चरण में शहरों के उपभोक्ताओं का आवंटन समाप्त कर दिया गया था।

इन जिलों को केरोसिन आवंटन अयोध्या, अंबेडकरनगर, अमेठी, बाराबंकी, सुल्तानपुर, बलिया, बांदा, चित्रकूट, फतेहपुर, हमीरपुर, झांसी, ललितपुर, महोबा, मिर्जापुर व सोनभद्र के लिए 3912 किलोलीटर केरोसिन का आवंटन किया गया है।

डीएसओ वीके महान ने बताया कि कार्डधारकों के पास बिजली व एलपीजी कनेक्शन होने के कारण शासन ने इस बार केरोसिन का आवंटन समाप्त कर दिया है। अब ये सुविधा कार्डधारकों को नहीं मिलेगी।