संवाददाता आशुतोष मिश्रा

चकलवंशी, उन्नाव एमएनबी। माखी थाना क्षेत्र के पवई के मजरा शिवबक्स खेड़ा गांव निवासी सपना (17) पुत्री रामनरेश की 12 जुलाई को बांका से काट कर नृशंस हत्या कर दिया था। उसके भाई ने भाई विनोद कुमार ने गांव के सुशील पुत्र पीतम और उसके चचेरे भाई संदीप पुत्र दयाशंकर पर हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने सुशील को जेल भेज दिया था साथी को जांच के लिए थाने में रोक लिया। जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। ग्राम प्रधान रामखेलावन ने बताया कि वृहस्पतिवार को सुबह करीब सात बजे गांव का सरवन पुत्र बाबू मवेशियों के लिए चारा लेने गया था। तभी झाड़ियों में मोबाइल बजने की आवाज सुनकर गांव में बताया। करीब बीस ग्रामीणों ने झाड़ियों में खोजबीन की जिसमें एक एन्ड्रावयड मोबाइल फोन में जीओ का सिम चालू हालत में मिला। वहां से करीब बीस मीटर दूर खून से सना गमछा और चुन्नी मिली। बेटी के पिता के अनुसार गमछा सह आरोपी संदीप का है चुन्नी उसकी बेटी की। हत्या के बाद झाड़ियों में छिपाया गया। ग्रामीणों ने अंदेशा जताया कि पुलिस सह आरोपी को बचाने का प्रयास कर रही है। जिससे पुलिस ने हत्या के पांच दिन बाद भी सह आरोपी को जेल न भेजकर थाने में बिठा रखा है। मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी पवन कुमार सोनकर ने बरामद सामान कब्जे में लेने का प्रयास किया। भड़के ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों को मौके पर आने का हवाला देकर सामान उठाने से मना कर दिया। सूचना पर पहुंचे सीओ सफीपुर एमपी शर्मा ने निस्पक्ष जांच का आश्वासन देकर बरामद सामान कब्जे में लेकर थाना पहुंचे।
पुलिस की जांच पर भरोसा न करते हुए दो ट्रैक्टर और बाइकों से करीब दो सैकड़ा महिला पुरुष थाने पहुंचे। और थाना परिसर में बैठ कर धरना प्रदर्शन करने लगी। मामले की जानकारी मिलते ही थाना माखी पहुंचे सीओ सफीपुर ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया। घण्टो मशक्कत के बाद भी आक्रोशित ग्रामीण टस से मस नहीं हुए। मिजके बाद मौके पर सदर विधायक पंकज गुप्ता के भाई नीरज गुप्ता और थाना प्रभारी माखी देवेंद्र सिंह पहुंचे। दोनों जन प्रतिनिधियों ने सीओ से बातकर के आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कराया करीब दो घंटे बाद ग्रामीण वापस लौटे।