वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण का प्रसार दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है। प्रदेश सरकार भी एक दिन में पचास हजार से अधिक जांच करा रही है, लेकिन सम्भल में लोगों ने जानलेवा महामारी की जांच का भी मजाक बना लिया है। यहां पर कोई अपनी प्रेमिका को पत्नी बनाकर जांच करा रहा है, जब रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम घर पहुंचती है तो खेल दूसरा निकलता है। कुछ अन्य मामलों में लोग तो घर का पता भी गलत दे रहे हैं।

कोरोना वायरस को मजाक समझने वालों के साथ अब कोरोना संक्रमण भी खेल रहा है। लोग बेपरवाह बने हैं और नतीजा सामने हैं। सम्भल में महज 17 दिन में 300 के करीब केस इसकी बानगी भर है। कोरोना से खेलने वाले कभी पति का नाम गलत लिखा रहे है तो कभी पता। जब रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है तो उन्हेंं ढूंढने में विभाग परेशान है। संक्रमण की रिपोर्ट आने से लेकर उसे पकडऩे तक के बीच में कितने और संक्रमित हो गए इसकी संख्या बढ़ता कारोना का ग्राफ बताने को काफी है।

सम्भल में बीते एक सप्ताह के अंदर ऐसे चार मामले सामने आए हैं, जिसमें कोरोना से खेलने वालों ने यह खेल खेला है। कई घंटों बाद इन्हेंं ढूंढा जा सका और कोविड अस्पताल नरौली भेजा गया। इसमें किसी ने पति का नाम बदला तो किसी ने पता ही बदल दिया।

पति नही तो प्रेमी का ही नाम लिखा दिया

बहजोई रोड पर मुजफ्फरपुर गांव है। यहां की विधवा महिला को परेशानी होने लगी तो उसने प्रेमी को बुलाया जो उसी गांव का है और उसके साथ अस्पताल आकर जांच कराई। जांच के बाद यहां भी विभाग ने लापरवाही की और महिला को क्वारंटाइन सेंटर न भेजकर घर भेज दिया। दो दिन बाद जब महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो स्वास्थ्य विभाग का एंबुलेंस लेकर टीम मुजफ्फरपुर गांव पहुंची। यहां से प्रेमी की पत्नी को लेकर आ गई। रास्ते भर महिला गिड़गिड़ाती रही कि मेरी जांच नहीं हुई है। चार किलोमीटर जाने के बाद टीम ने दुबारा जांच पड़ताल की तो यह पता चला कि इसकी जांच नहीं हुई है। प्रेमी ने सच्चाई उगली तो जो कोरोना पॉजिटिव महिला थी उसे टीम लेकर अपने साथ गई।

अतरासी में बिहार की महिला ने पति का लिखाया गलत नाम

पवांसा ब्लाक के अतरासी में बिहार से एक महिला आई और लंबे समय से रह रही है। उसकी तबीयत बिगडी तो गांव की आशा ने इसकी सूचना पवांसा सीएचसी के कोविड टीम को दी। टीम ने महिला को अस्पताल बुलाया और उसका सैंपल ले लिया। महिला ने यहां खेल कर दिया। पति का नाम दूसरे का लिखा दिया। वह जानती थी कि उसी के नाम की एक और महिला भी गांव में है तो उसके पति का नाम लिखा दिया। इसके बाद विभाग ने लापरवाही बरती और उसे क्वारंटाइन सेंटर के स्थान पर घर भेज दिया। दो दिन तक महिला अपने गांव में रही। दो दिन बाद रिपोर्ट आई तो वह कोरोना पॉजिटिव निकली। जब स्वास्थ्य विभाग की टीम रात में पहुंची तो उसे अस्पताल ले जानी वाली आशा नहीं थी। ऐसे में नाम के आधार पर टीम संक्रमित के हम नाम वाली महिला को ले जाने लगी। महिला कहने लगी मेरी जांच ही नहीं हुई है। इसी बीच पता चला कि असली महिला कोई और है। टीम उसे लेकर गई। महिला की इस लापरवाही ने बखेड़ा खड़ा कर दिया था।

पति पॉजिटिव तो अमरोहा से सम्भल आ गई युवती

अमरोहा निवासी तकरीबन 36 वर्षीय युवती के पति की अमरोहा में हालत बिगड़ गई। सैंपल लिया गया तो वह कोरोना पॉजिटिव निकल आए। तबीयत बिगड़ी तो उन्हेंं मेरठ रेफर किया गया। इसी बीच मायके वाले युवती को लेकर सम्भल आ गए और एहतियातन जांच कराई। जांच के बाद युवती का नाम, उसके पति का नाम तो सही लिखाया लेकिन पता गलत लिखा दिया। यहां भी स्वास्थ्य विभाग ने युवती को क्वारंटाइन सेंटर भेजने के बजाय घर भेज दिया। दो दिन बाद वह युवती भी संक्रमित निकली। इसके बाद टीम ने पूरा मोती नगर छान मारा वह नहीं मिली। कई घंटों बाद असली युवती सम्भल से पकड़ में आई और उसे कोविड अस्पताल भेजा गया। अब वह अपने मायका में कितनों को संक्रमित की होगी। यह बाद में पता चलेगा।

अमरोहा में जांच कराकर ओबरी भागकर आई

अमरोहा की महिला का ओबरी में कोई जानने वाला रहता है। महिला ने अमरोहा में जांच कराई। विभाग ने उसे क्वारंटाइन सेंटर नहीं भेजा। इस बीच महिला भागकर सम्भल के ओबरी में आ गई। जब रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो उसकी तलाश हुई लेकिन वह नहीं मिली। उसके मोबाइल पर बात कर टीम ने उसका पता जाना और ओबरी में गुरुवार की रात 10 बजे आकर लेकर गई।

इस तरह के मामलों में स्वास्थ विभाग में तालमेल का तो अभाव दिख ही रहा है, लेकिन सरकार के तमाम जतन के बाद भी लोग जागरूक नहीं हो रहे हैं। अपने साथ ही सैकड़ों लोगों को संक्रमित कर रहे हैं।