साल 1888, अभी क्रिकेट खासकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट अपने पैरों पर खड़ा होने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान एक-दूसरे की चिरप्रतिद्वंदी टीम इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच एशेज सीरीज का एक मुकाबला लंदन के लॉर्ड्स मैदान पर खेला गया। वैसे भी उस दौर में यही दो टीमें थीं, जो क्रिकेट में दिलचस्पी रखती थीं। इन्हीं के बीच दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिद्वंदिता चली आ रही है, जिसे एशेज सीरीज का नाम दिया गया है।

इसी एशेज सीरीज के 1888 के सीजन में ऑस्ट्रेलियाई टीम इंग्लैंड के दौरे पर आई थी। तीन टेस्ट मैचों की ये सीरीज होनी थी, जिसका आगाज लॉर्ड्स के मैदान से हुआ। 16 जुलाई को ये टेस्ट मैच हुआ और 17 जुलाई की शाम होने से पहले ही ये टेस्ट मैच खत्म भी हो गया। उस समय में टेस्ट मैच 6 दिन के होते थे, जिसमें एक दिन आराम मिलता था, लेकिन ज्यादातर मैच दो या तीन दिन में खत्म हो जाते थे, क्योंकि उस समय बहुत कुछ अलग था।

तीन मैचों की एशेज सीरीज के पहले मैच में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी। मेजबान इंग्लैंड की टीम ने कंगारू टीम को 116 रन पर धराशायी कर दिया। इसके बाद जब इंग्लैंड की टीम बल्लेबाजी करने उतरी तो उसके 3 विकेट गिर गए। अब 17 जुलाई को मैच का दूसरा दिन था। इंग्लैंड की टीम ने आगे बल्लेबाजी की, लेकिन टीम महज 53 रन पर ढेर हो गई। इस तरह ऑस्ट्रेलियाई टीम को 63 रन की बेशकीमती बढ़त मिल गई।

63 रन की लीड लेने के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम ने आगे बल्लेबाजी शुरू की तो इंग्लैंड ने कंगारू टीम को 60 रन पर समेट दिया। इस तरह अब इंग्लैंड को जीत के लिए सिर्फ 124 रन बनाने थे। इंग्लैंड के पास मौका था कि वो ये मैच अगले कुछ दिन में जीत जाए, लेकिन जो सोचते हैं कई बार वैसा नहीं होता है। ऐसा ही इंग्लैंड की टीम के साथ भी हुआ और टीम एक बार फिर से 100 रन का आंकड़ा तो छोड़िए 70 रन से पहले ही ऑल आउट हो गई।

इंग्लैंड की दूसरी पारी 62 रन पर ढेर हो गई। इस तरह मैच ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 61 रन से अपने नाम कर लिया। हालांकि, सीरीज के बाकी दो टेस्ट मैच इंग्लैंड ने जीतकर सीरीज अपने नाम की थी, लेकिन इस मैच में आज ही के दिन यानी 17 जुलाई 1888 को जो हुआ वो आज तक विश्व रिकॉर्ड है, क्योंकि उस दिन यानी मैच के दूसरे और आखिरी दिन दोनों टीमों के कुल 27 विकेट गिरे थे, जिसमें से इंग्लैंड की टीम के 17 विकेट और ऑस्ट्रेलिया के 10 विकेट शामिल थे।

मैच के दूसरे दिन 157 रन के स्कोर पर 27 विकेट गिरना, आज तक के टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में कभी नहीं हुआ। इस तरह कह सकते हैं कि 132 साल के बाद भी ये विश्व रिकॉर्ड कायम है। 1902 में भी ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच मेलबर्न के मैदान पर ऐसा ही कुछ देखा गया था, लेकिन उस मैच में पहले दिन दोनों टीमों के 25 विकेट गिरे थे। वहीं, 1896 में इन्हीं देशों के बीच खेले गए टेस्ट मैच में 24 विकेट गिरे थे। इतने ही विकेट 2018 में गिरे थे, जब भारतीय टीम ने अफगानिस्तान को उनके पहले टेस्ट मैच में रौंदा था।