एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीज कोरोना के सैंपल देने के बाद अपने घर चला गया। कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने पर खलबली मच गई, बुधवार को रैपिड रेस्पोंस टीम उसकी तलाश में घूमती रही। कई घंटे के प्रयास के बाद वह इरादतनगर में एक मंदिर में छिपाकर बैठा मिला।

25 साल के शमसाबाद रोड निवासी युवक को बुखार आने पर 13 जुलाई को एसएन में भर्ती कराया गया। यहां कोरोना संदिग्ध मानते हुए सैंपल लिए गए और आइसोलेशन वार्ड में भेज दिया गया। वह बिना बताए वार्ड से चला गया। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद रैपिड रेस्पोंस टीम सक्रिय हुई। उसने जो नंबर दर्ज कराया था वह बंद था, टीम को उसके भतीजे का नंबर मिल गया, उससे संपर्क किया गया। वह भी गुमराह करता रहा, कई घंटे की तलाश और पूछताछ के बाद पता चला कि वह इरादतनगर में एक मंदिर में है। टीम ने पुलिस को सूचना दी, पुलिस मंदिर पर पहुंच गया। यहां वह छिपकर बैठा हुआ था, टीम उसे अपने साथ ले आइ, उसे हिंदुस्तान कॉलेज में भर्ती कराया गया है।

सही नाम पता नहीं दे रहे संदिग्‍ध

कोरोना के सैंपल लेने पर नाम, पता और मोबाइल नंबर दर्ज कराया जाता है। मगर, सैंपल देते मोबाइल नंबर के साथ ही पता भी गलत लिख रहे हैं, इस तरह के मामलों में कार्रवाई करने की चेतावनी के बाद भी कोई सुधार नहीं है। इससे कोरोना संक्रमित मरीजों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करने में समस्या आ रही है।

मौत के दो दिन बाद भी रिपोर्ट नहीं

दयालबाग में प्रेम भवन निवासी बुजुर्ग महिला की मृत्‍यु सोमवार रात एसएन मेडिकल कॉलेज में हुई थी। उन्‍हें सांस लेने में तकलीफ होने के चलते प्राइवेट हॉस्पिटल से एसएन में शिफ्ट किया गया था। इनके दो कोरोना टेस्‍ट हुए थे। पहला नमूना जालमा में जांच को गया था, वहां से रिपोर्ट न आने पर दूसरा नमूना एसएन में ही जांच को भेजा गया। निधन होने के दो दिन बाद तक प्रशासनिक आंकड़ों में इनकी मृत्‍यु को शामिल नहीं किया गया है।