मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार के कृषि मंत्री कमल पटेल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर पूर्व केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कमल नाथ, कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ सीबीआइ जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी फाउंडेशन को पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चायना के दूतावास से चीन से करोड़ों रुपये का जो दान मिला है, वह शक के दायरे में है। उस समय मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ केंद्रीय वाणिज्य उद्योग मंत्री थे।

शिवराज सरकार के मंत्री कमल पटेल ने केंद्रीय गृह मंत्री को लिखा पत्र

कृषि मंत्री ने केंद्रीय गृहमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि चीन से हमारे सीमा विवाद को लेकर कांग्रेस कई दिनों से गैर जिम्मेदाराना बयान दे रही है। मीडिया से मिल रही जानकारियों के मद्देनजर चीन एवं तत्कालीन यूपीए सरकार के गहरे संबंध नकारे नहीं जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी की अध्यक्षता वाले राजीव गांधी फाउंडेशन को दान के नाम पर चीन के दूतावास से करोड़ों रपये की वित्तीय सहायता मिली है और सीमा विवाद को लेकर यूपीए सरकार का नरम रवैया कहीं इसी आर्थिक सहायता के कारण तो नहीं है।

राजीव गांधी फाउंडेशन को चीन से मिले दान को लेकर उठाए सवाल

चीन को जिस तरह आयात के लिए अनापेक्षित रियायत दी गई, वह भी शक पैदा करता है कि यह छूट कहीं राजीव गांधी फाउंडेशन में आर्थिक सहायता के कारण तो नहीं थी। यदि पाकिस्तान के उच्च आयुक्त के माध्यम से किसी व्यक्ति या संस्था को किसी प्रकार की सहायता दी जाती है तो यह माना जाता है कि वह कहीं न कहीं आतंकवादी गतिविधियों में उपयोग हो रही है।

जिस तरह चीन पाकिस्तान के साथ मिलकर भारत की सीमा को छलनी कर रहा है, उससे चीन द्वारा प्राप्त आर्थिक सहायता को भी शक की निगाह से देखा जाना चाहिए। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री से मांग की है कि चीन के हित में बात करने वाली सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कमल नाथ जैसे नेताओं के चीन से रिश्तों के साथ उनके द्वारा किए गए आर्थिक लेन-देन और संपत्तियों की भी सीबीआइ जांच कराई जाए।