*पंडुवा पम्प कैनाल सूखी अन्नदाता परेशान

प्रयागराज| बारा तहसील क्षेत्र में स्थित पंडुवा पम्प कैनाल महीनों से सूखी पड़ी है। बारा का अधिकांश इलाका पठारी होने के चलते खेती के लिए किसानों को सिचाई का एक मात्र साधन पंडुवा पम्प कैनाल है। धान की नर्सरी डालने का समय शुरू हो गया है। नहरें सूखी देख किसान खेती की चिंता को लेकर खासा परेशान है। एक सप्ताह पूर्व क्षेत्रीय किसान तहसील प्रशासन से लेकर विभागीय अफसरों को सूचना देकर नहर में पानी छोड़ने की मांग की थी किन्तु विभागीय अफसरों ने कोई ध्यान नही दिया इस बात को लेकर किसान चिंतित है बारा का क्षेत्र पथरीला होने के चलते खेती के लिए अन्य कोई साधन नही होने से क्षेत्र का किसान सिर्फ नहर के पानी पर ही निर्भर है। कहने के लिए क्षेत्र में पंडुवा पम्प कैनाल से छोटी छोटी नहरें व माइनर बनाकर पूरे क्षेत्र में नहर का जाल बिछा दिया गया किन्तु हकीकत कुछ और है| किसानों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों के लापरवाही के चलते समय पर पानी उपलब्ध नही हो पाता है।जिसके चलते पानी के अभाव में बारा का किसान दिन प्रतिदिन खेती अच्छी नही होने से टूटता जा रहा है। वहीं सरकार का भी किसानों के प्रति समय पर पानी, बीज, खाद उपलब्ध कराने की बात झूठ साबित हो रही है। बारा के सुमंत भार्गव, हरिकेश शर्मा, सेहुंडा के महेश त्रिपाठी, राजेश कुमार, मोहन लाल, असरवई के राजकुमार सिंह, रेही के विजय प्रकाश कुशवाहा, रामचंद, बैजला के राजेश पांडेय, अमित पांडेय, डेरावारी के रामबाबू मिश्र,अजय सिंह, अमर सिंह, टिकरी कला के हनुमान लाल सिंह आदि किसानों ने बताया कि धान की नर्सरी डालने का समय बीतता जा रहा है। जल्द पंडुवा पम्प कैनाल में पानी नही छोड़ा गया तो किसान नर्सरी डालने से वंचित हो जायेंगे|
भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के तहसील अध्यक्ष श्री सुभाष शुक्ला ने बताया कि विभागीय अधिकारियों की लापरवाही की वजह से किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है|

*टुडे इंडिया लाइव न्यूज़ के लिए बारा प्रयागराज से नीरज केसरवानी की रिपोर्ट*