ईरान ने मंगलवार को जनरल कासिम सुलेमानी की जासूसी करने के आरोप में एक शख्स को फांसी देने की घोषणा की। इस व्यक्ति पर आरोप है कि उसने सुलेमानी को लेकर अमेरिका और इजरायल को जानकारी प्रदान की। गौरतलब है कि ईरानी जनरल की इस साल जनवरी में अमेरिकी ड्रोन स्ट्राइक में मौत हो गई थी। न्यायपालिका के प्रवक्ता गुलाम हुसैन इस्माइली ने दोषी व्यक्ति के बारे में थोड़ी जानकारी दी। उन्होंने उसका नाम महमूद मौसवी मज्द बताया।

इस्माइली ने मज्द पर सुलेमानी से जुड़ी सारी जानकारी साझा करने का आरोप लगाया। उसका सीआइए और मोसाद से जुड़ा हुआ था। सीआइ अमेरिकी और मोसाद इजरायल की खुफिया एजेंसी है। हालांकि, इस्माइली ने मज्द को कब फांसी दी जाएगी इसकी जानकारी नहीं दी। उन्होंने केवल इतना कहा कि जल्द ही उसे फांसी दी जाएगी।

3 जनवरी को अमेरिकी रॉकेट हमले में हुई थी सुलेमानी की  मौत

गौरतलब है कि बगदाद एयरपोर्ट के बाहर 3 जनवरी को अमेरिका ने रॉकेट से हमला किया था इसमें सुलेमानी की मौत हो गई थी। इसमें  ईरान समर्थित मिलिशिया पॉपुलर मोबलाइजेशन फोर्स (Popular Mobilization Forces or PMF) के डिप्टी कमांडर अबू महदी अल-मुहांदिस की भी मौत हो गई थी। वॉशिंगटन ने क्षेत्र में अमेरिकी सेनाओं पर ईरान-गठबंधन मिलिशिया द्वारा किए गए मास्टरमाइंडिंग हमलों के लिए सोलेमानी को दोषी ठहराया।इसके बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया था।

ईरान ने इराक में अमेरिकी बलों को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइल दागे थे

समाचार एजेंसी एपी के अनुसार सुलेमानी की हत्या के जवाबी कार्रवाई में ईरान ने इराक में अमेरिकी बलों को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइल दागे थे। इस दौरान गलती से तेहरान में एक यूक्रेनी विमान निशाना बन गया था। इस दुर्घटना में 176 लोगों की मौत हो गई थी।  समाचार एजेंसी एपी के अनुसार सुलेमानी ईरान के एक बड़े सैन्यकर्मी, उभरते हुए नेता और वहां की कुद्स फोर्स के प्रमुख थे, जिन्होंने इजरायल और अमेरिका के खिलाफ कई बड़े अभियान चलाये थे।