संवाददाता आशुतोष मिश्रा

उन्नाव। जिला कृषि रक्षा अधिकारी विकास शुक्ला ने बताया कि खरीफ फसल की बुवाई चल रही है। बीजों को बोने से पहले यदि बीज शोधन कर लिया जाए तो बीज से लगने वाले रोगों से छुटकारा मिल जाता है। बीज शोधन कार्य बिलकुल उसी प्रकार से होता है जिस प्रकार नवजात शिशु को टीका लगाकर भंयकर बीमारियों से रक्षा की जाती है। उसी प्रकार बीज शोधन करने से बीज जनित रोगों से छुटकारा मिल जाता है, और कम खर्च में अधिक लाभ की सम्भावना बढ़ जाती है। बीज शोधन हेतु कार्बेडाजिम 50 % WP 2 ग्राम प्रति कि0ग्रा0 बीज की दर से अथवा थीरम 75% WP 2.5 ग्राम मात्रा प्रति कि0ग्रा0 बीज या ट्राईकोडरमा 2% WP 4 ग्राम प्रति 1 कि0ग्रा0 बीज की दर से शोधन करे। भूमि शोधन हेतु ट्राईकोडरमा 2 % WP 2.5 कि0ग्रा0 प्रति हे0 की दर से किया जाता है। भूमि शोधन द्वारा फसल में लगने वाले रोग जैसे-जड़ सड़न रोग, उकठा रोग आदि का नियंत्रण किया जा सकता है। इसके लिए ट्राईकोडरमा 2 % WP 2.5 कि0ग्रा0 मात्रा को 60-70 कि0ग्रा0 गोबर की सड़ी खाद में मिलाकर एक सप्ताह तक छाये में रखे साथ ही साथ रोजाना हाथों से मिलाते रहे जरूरत पड़ने पर थोड़ा पानी छिड़क कर नम रख कर अन्तिम जुताई के समय खेत में छिड़क कर पाटा लगा दे।