ब्यूरो रिपोर्ट गौरव सविता

कानपुर। लाशों के ढेर बिछा देने वाले ख़तरनाक संक्रमण कोरोना वायरस को आज वैश्विक महामारी घोषित किया जा चुका है। मानव जाति के लिए अदृश्य दुश्मन बने इस संक्रमण के बचाव हेतु संपूर्ण भारत में देशव्यापी लॉकडाउन लगा हुआ है। काम-धंधा छोंड़ आदमी घरों में कैद होने पर मजबूर हो गया। इसी कोरोना काल में समाज का एक बहुत बड़ा वर्ग (अभिभावक वर्ग) एकदम से परेशान हो गया।
दरअसल प्राइवेट स्कूलों द्वारा मांगी जाने वाली फीस को लेकर हर अभिभावक परेशान हो उठा।
कहीं इसके विरोध की आवाज तेज हुई, तो कहीं इसमें राहत की मांग की गई। सरकार भी इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठा सकी। सरकार ने इस मुद्दे को स्कूलों और अभिभावकों के पाले ही डाल दिया और मोहलत के साथ, फीस दिए और लिए जाने का फरमान सुना दिया गया। जबकि अभिभावकों का यही कहना था कि कोरोना महामारी के बीच की फीस स्कूलों द्वारा माफ की जाए।
अभिभावक अपनी मांग और इच्छा और जाहिर कर रहे थे, और प्राइवेट स्कूल अपनी फीस माँग पर अड़े थे। जिसका चौतरफ़ा विरोध भी जारी है।
ऐसे में कानपुर के एक स्कूल संचालक ने अभिभावकों का दर्द समझा और अपने स्कूल में कोरोना काल के दौरान, तीन महीने की फीस माफ़ कर दी। फीस माफी जैसे बड़े मुद्दे पर स्कूल संचालक द्वारा दिखाई गई इस विशाल हृदयता की जमकर तारीफ हो रही है।
कानपुर के शास्त्री नगर चौराहे पर स्थित लाल बहादुर शास्त्री विद्यालय ने अपने स्कूल की कक्षा के.जी. से आठ तक के बच्चों की तीन महीने की फीस माफ करने का फैसला लिया है। लगभग 40 वर्षों से संचालित यह स्कूल हिंदी और अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई के लिए अग्रसर है। हाईस्कूल तक संचालित होने वाले एल.बी.एस. विद्यालय के निदेशक ब्रजेश गुप्ता ने कोरोना महामारी के कारण तबाह हुई इंसानी जिंदगी के बीच अभिभावकों का दर्द समझा, और अभिभावकों को राहत देते हुए, अपने स्कूल में तीन महीने की फ़ीस माफ करने जैसा बड़ा फैसला लिया। अभिभावकों के पक्ष में लिया जाने वाला स्कूल निदेशक का यह फैसला हकीकत में सराहनीय है। जिसकी हर कोई सराहना कर रहा है।
लाल बहादुर शास्त्री विद्यालय के बाहर अभिभावकों के लिए सूचनार्थ लगाए गए तीन महीने की फीस माफी वाले बोर्ड और बैनर सोशलमीडिया पर भी जमकर वायरल हो रहे हैं। अभिभावकों और लोगों के बीच इस स्कूल द्वारा पेश की गई नजीर की तारीफ की जा रही है। अधिकतर प्राइवेट स्कूल जहां फीस माफी पर अड़े हैं, वही इस स्कूल निदेशक ब्रजेश गुप्ता द्वारा दिखाई गई विशाल हृदयता चर्चा का विषय है। कोरोना महामारी के बीच फीस माफी जैसे बड़े फैसले को हर सुनने और देखने वाला, एल.बी.एस. स्कूल संचालक को दुआयें दे रहा है। लोगों का कहना है कि अभिभावकों का दर्द समझने वाले इस प्राइवेट स्कूल ने हकीकत में एक मिशाल पेश की है। वहीं लोगों का यह भी कहना है, कि इस स्कूल द्वारा पेश की गई नजीर से शहर के और स्कूलों को सबक लेना चाहिए।