ब्यूरो रिपोर्ट गौरव सविता

कानपुर। बिठूर थाने के पुलिसकर्मियों के ऊपर एक महिला ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर कहा है कि पुलिस ने उसके पति के साथ बेरहमी से मारपीट की। मारपीट के दौरान उसके पति को कई जगहों पर गंभीर चोटें आई हैं। वहीं थानाध्‍यक्ष बिठूर सारे आरोपों को निराधार बता रहे हैं।
आपको बताते चले कि अभी कुछ ही दिन पहले सोशल मीडिया में वायरल वीडियो के अनुसार मंधना के एक युवक को गांव के 10 से 12 लोगों ने बुरी तरह से पीटा था। इस मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया में काफी वायरल हो गया था। इस वीडियो के वायरल होने के बाद इसका मुख्यमंत्री ने तुरंत संज्ञान लिया था। मुख्यमंत्री के वीडियो संज्ञान में लेते ही पुलिस एक्टिव मोड में आ गई थी। पुलिस ने जब मॉब लिंचिंग के इस वीडियो की पड़ताल की तो फुटेज में दीपक प्रजापति को अभियुक्त पाया गया। पुलिस ने 10 से ज़्यादा अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया था। कल रात जब पुलिस इस प्रकरण में दीपक के घर दबिश देने गई तो दीपक छत से नीचे कूद गया, जिससे उसको गंभीर चोट आई । जिसके बाद पुलिस ने मानवीय आधार पर उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया।

बिठूर थाना प्रभारी कौशलेंद्र सिंह ने बताया कि अभी अभियुक्त के साथ किसी भी तरह की मारपीट नहीं की गई है। पुलिस ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट में किसी भी तरह के निशान नहीं आए हैं, महिला जो भी आरोप लगा रही है वह सब असत्य व निराधार है। मामले को दबाने व पुलिस पर दबाव बनाने की नीयत से दीपक की पत्नी ने ये वीडियो बनाया है, जिसको उसने सोशल मीडिया पर डाल के पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा है कि पुलिस ने उसके पति के हाथ- पैर तोड़ डाले हैं। पुलिस ने ऐसे सभी आरोपों का खंडन किया है।