संवाददाता आशुतोष मिश्रा

उन्नाव। गंगाघाट कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक की कार्यप्रणाली से नगर की जनता के साथ-साथ स्थानीय पत्रकार भी पीड़ित है। कोतवाल सतीश कुमार गौतम पत्रकारों की स्वतंत्रता को हनन करने में कोई कसर नही छोड़ते है। वही नगर में ताबड़तोड़ अपराध से गंगाघाट क्षेत्र प्रकाश में है। यदि सूत्रों की माने तो ऐसे कई मामलों को कोतवाली में एफआईआर दर्ज हीं नही हुई होंगी है। नगर के जनता के लिए कोतवाली प्रभारी डलहौजी शासक की तरह पेश आ रहे है। किसी अपराध की घटना को अगर पत्रकार कवरेज करने को जाते है। तो कोतवाल साहब पत्रकारों से वीडियो या फोटो लेने पर मना कर देते है। कोतवाल का कहना रहता है की पहले हमसे परमिशन लो फिर कोई खबर की फोटो या वीडियो लेना बगैर मेरे आदेश के कोई भी खबर थाने से कवरेज नही करोगे ये मेरा सख्त चेतावनी है। नगर में हो रही वारदातों को लेकर कोतवाल को कोई चिंता नही है। और सूत्रों की माने तो कई मामलों ऐसे हैं जो कोतवाली में दबा दिए जाते हैं। यदि उच्च अधिकारियों द्वारा इसकी जांच कराई जाए तो स्पष्ट प्रणाम भी दिखाई पड़ेंगे। और अगर मीडिया मामले को प्रकाश में लाती है। कोतवाल साहब पत्रकारों को ही अपना निशाना बनाने में लगे हुए है। रविवार को नगर के कंचन नगर मोहल्ले में क्षेत्रीय लोगो ने सेक्स रैकेट संचालन की सूचना गंगाघाट पुलिस को दी। लेकिन क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्रीय लोग देह व्यापार चलाने वाले संचालक को कोतवाली ले कर आए लेकिन पुलिस ने उसे छोड़ दिया । यह घटना रविवार की है। इस दौरान सूचना पाकर कोतवाली पहुंचे पत्रकारों ने कोतवाली में पेड़ के पास जिस्मफरोशी की सूचना की कवरेज कर रहे पत्रकार को कोतवाल साहब ने सिपाही के माध्यम से पत्रकार को बुलाया और उससे फोटो व वीडियो न करने को कहा तभी कोतवाल सतीश गौतम ने पत्रकारों से अभद्रता करते हुए बोले जब हम परमिशन देंगे तभी खबर की कवरेज करो । एस एच ओ मानो कोई अपनी पत्रकारों पर गुस्सा उतार रहें हैं। कोतवाली प्रभारी की तानाशाही से नाराज पत्रकार कोतवाली प्रभारी की गुंडागर्दी और तानाशाही बेलगाम हो चुकी है जिसको लेकर लॉक डाउन के बाद आंदोलन करने की बात कर रहे हैं। और पत्रकारों की स्वतंत्रता की हनन किया जा रहा है।

इस दौरान आईजी रेंज से बात की गई तो उन्होंने कहा कि गंगाघट कोतवाल की कई शिकायतें हैं मिल रही हैं । एसपी को कार्यवाही हेतु बोल रखा है।

इस संबंध में जब कप्तान साहब से बात की गई तो उन्होंने बताया कि ऐसा नहीं है पत्रकार थाना कोतवाली में कवरेज कर सकते हैं और थाने में पूछताछ के लिए भी जा सकते हैं इधर उन्होंने कहा कि मामले को संज्ञान में लेकर देखता हूं।